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मोबाइल की लत ने ली जान... इंटरनेट पर देखकर फेस एक्सरसाइज करती थी लड़की, मुंह टेढ़ा करके करने लगी बात

आजकल तकरीबन हर व्यक्ति डेली लाइफ में मोबाइल और इंटरनेट पर निर्भर हो चुका है. कुछ भी जानने के लिए इंटरनेट की मदद ली जाती है. ये काफी मददगार भी साबित होता है. मगर, जब मोबाइल लत बन जाए तो इसके दुष्परिणाम भी देखने को मिलते हैं. ऐसा ही मामला सूरत से सामने आया है. यहां एक लड़की ने मोबाइल की लत में अपनी जान दे दी. वो महज 20 साल की थी.

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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद परिजन, लड़की का फाइल फोटो.
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद परिजन, लड़की का फाइल फोटो.

आजकल हर किसी को मोबाइल की लत (Mobile Addiction) सी लग गई है. इस वजह से लोग रोजिंदा जीवन (Daily Life) जीना मानो भूल सा गए हैं. ये लत मौत का कारण भी बन रही है. गुजरात के सूरत में 20 साल की लड़की ने इसी लत की वजह से खुदकुशी कर ली. परिवार उसकी लत छुड़ाने के लिए इलाज करा रहा था. मगर, बेटी के इस कदम ने सभी को तोड़कर रख दिया है.

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दरअसल, सूरत शहर के गोपीपुरा इलाके में रहने वाली विशाखा राणा को मोबाइल की लत लग गई थी. परिवार के लोग इससे काफी परेशान थे. मगर, उसकी लत छूट नहीं रही थी. मजबूर होकर परिवार उसे डॉक्टर के पास लेकर गया. मनोचिकित्सक (Psychiatrist) ने इलाज शुरू किया लेकिन उस पर इसका कोई ज्यादा प्रभाव नजर नहीं आ रहा था. 

गर्दन और मुंह टेढ़ा करके बात करना उसकी आदत बन गई

इसी बीच वो इंटरनेट की मदद से फेस एक्सरसाइज करने लगी. इसके चलते गर्दन और मुंह टेढ़ा करके बात करना उसकी आदत बन गई. इन लक्षणों को देखकर परिजन घबराए और उसे डॉक्टर के पास लेकर गए. डॉक्टर ने कहा कि उसका फेस तो सही है. इसके बाद परिवार मनोचिकित्सक के पास पहुंचा और 2 महीने तक दवा चली. 

इस बात का प्रमाण देने के लिए उसके माता-पिता सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर डॉक्टरों की फाइल भी लेकर आए थे. रोते-बिलखते हुए उन्होंने बताया कि बेटी को किस तरह से मोबाइल की लत लगी थी.

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'बेटी इंटरनेट पर देखकर फेस एक्सरसाइज किया करती थी'

परिवार का कहना है कि वो इंटरनेट पर देखकर फेस एक्सरसाइज किया करती थी. उसका फेस टेढ़ा होने लगा था. इस पर हम लोग डॉक्टर के पास गए. डॉक्टर ने कहा कि वो ठीक हो जाएगी. मोबाइल ज्यादा देखती है, इसलिए समस्या हो रही है. वो पहले से मोबाइल की आदी थी, इसलिए पिछले एक-दो महीने से उसे मोबाइल नहीं दे रहे थे.

परिवार ने कहा, शनिवार को वो फैक्ट्री में काम करने के लिए गई थी. वहां से दोपहर में लौटी थी. शाम करीब 6:30 बजे उसका भाई ऑफिस से लौटा था तो उसने देखा कि घरवाले उसे लेकर अस्पताल जा रहे थे. उन्होंने बताया कि उसने फांसी लगा ली है. हॉस्पिटल पहुंचने पर डॉक्टर ने कहा कि उसकी मौत हो चुकी है. उसके इस कदम से परिवार सदमे में है.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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