जामनगर के अहीर परिवार के चार लोगों की सामूहिक आत्महत्या मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. मृतक के भाई की शिकायत के बाद इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
बुधवार को द्वारका जिले के भाणवड के धारागढ़ इलाके में चार लोगों के शव मिलने से हड़कंप मच गया था. शव बरामद होने के बाद पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी थी, लेकिन इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली. मृतक के भाई की शिकायत के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस ने कहा कि मृतक अहीर परिवार के मुखिया अशोकभाई ने विशाल जडेजा पर डराने, धमकाने, मारपीट करने और 20 लाख रुपये का भुगतान करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इससे परेशान होकर परिवार से सभी चार सदस्य दो स्कूटर पर सवाल होकर जामनगर गए और भाणवड के धारागढ़ गांव में जाकर जहर खाकर आत्महत्या कर ली.
पुलिस ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बुधवार को धारागढ़ क्षेत्र में रेलवे फाटक के पास चार लोगों के जहर खाकर आत्महत्या करने की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंची पुलिस टीम को शव के पास जहर की एक डिब्बी, प्लास्टिक का गिलास, कोल ड्रिंक की बोतल के साथ-साथ एक सुसाइड नोट बरामद किया था. पुलिस को मृतकों के पास से तीन मोबाइल फोन, पैन कार्ड, पहचान पत्र भी मिला.
मृतकों की पहचान 42 वर्षीय अशोकभाई धुनवा, 42 वर्षीय लिलुबेन आशोकभाई धुनवा, 20 वर्षीय जिग्नेश धुनवा और 18 वर्षीय किंजलबेन के रूप में हुई है. ये परिवार जामनागर के लालपुर तालुका के मोडपार गांव के रहने वाले थे, लेकिन वर्तमान में जामनगर के माधवबाग में रहते थे.
मृतक के भाई ने दर्ज कराई शिकायत: पुलिस
शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट और मोबाइल फोन के आधार पर मृतक के छोटे भाई विनुभाई धुनवा ने विशाल जडेजा (वी. एम. मेटल) और एक अन्य व्यक्ति विशाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.
शिकायत के अनुसार, सुसाइड नोट के साथ-साथ मृतक के मोबाइल फोन में पाए गए व्हाट्सएप मैसेजों और वीडियो क्लिप का जिक्र है. मोबाइल में मिली एक वीडियो में चार लोग अशोकभाई को धमकाते, पीटते और कुछ लिखवाते हुए दिख रहे हैं.
पता चला कि एक वीडियो क्लिप में चार लोग अशोकभाई को धमकाते, पीटते और कुछ लिखवाते दिखे, मंगलवार को एक अन्य मोबाइल नंबर पर काले बॉर्डर वाले नोट में कहा गया हमने वी.एम मेटल के विशाल जड़ेजा से सामान लिया. उनसे 20 लाख रुपये और फिर मैं अशोकभाई का माल पीयूष ब्रास इंडस्ट्रीज में ले गया, जिसके 5 लाख 87 हजार 962 रुपये अभी-भी बाकी हैं. इसके बाद मुझे चामुंडा इंडस्ट्रीज में दो अलग-अलग बिलों का भुगतान करना होगा. इन बिलों की जिम्मेदारी मेरी और मेरे बेटे अशोक धुवा की है. हमने सामान डिलीवर कर दिया है, हमने उसका भुगतान नहीं किया. इन लोगों ने मृतक के डॉक्यूमेंट छीन लिए थे.
'मृतक की पत्नी के फोन से मिली तीन वीडियो'
वहीं, मृतक अशोकभाई की पत्नी लिलुबेन के फोन में भाई नाम से सेव एक नंबर से तीन वीडियो क्लिप भेजे गए थे. इस व्यक्ति ने व्हाट्सएप मैसेज भेजकर उनसे पैसे मांगे थे.
इसके अलावा पुलिस को एक श्वेत पत्र मिला, जिसमें लिखा था कि कई लोग हमें पैसों के लिए परेशान कर रहे हैं और विशाल दरबार हमें हमारे बचे हुए पैसों के लिए परेशान कर रहा है, जिसके कारण हम यह दवा ले रहे हैं. नोट में लिखा है कि विशाल दरबार ने मेरे साथ मारपीट की और बिल में धोखाधड़ी की.
उन्होंने यह भी आरोप लगया कि विशाल ने झूठे बिल बनाकर उनसे और पैसे मांगे, असल में हमारे पास कोई बकाया नहीं है. लेकिन फिर भी वह हमें प्रताड़ित कर रहा है. इसलिए हमें दवा लेनी चाहिए और मर जाना चाहिए.