गुजरात के मरीन पुलिस थाने के इंस्पेक्टर दिनेश जमनादास कूबावत को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने रिश्वत के रूप में ₹1,44,500 का आईफोन लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया. घटना नवसारी जिले के धोलाई पोर्ट स्थित थाने में हुई, जहां इंस्पेक्टर अपने ही चैम्बर में यह रिश्वत ले रहा था.
शिकायतकर्ता एक व्यापारी है, जो बंदरगाह पर डीजल-ऑयल बेचने का काम करता है. व्यापारी को अपने काम के लिए जरूरी परमिशन के कागजात थाने में लाने को कहा गया था. इसके बाद इंस्पेक्टर ने उसे धमकाया कि अगर उसने लेटेस्ट आईफोन नहीं दिया, तो उसका काम बंद करा दिया जाएगा.
रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया इंस्पेक्टर
व्यापारी ने रिश्वत देने के बजाय इस मामले की शिकायत सूरत एसीबी से की. एसीबी की टीम ने प्लानिंग कर इंस्पेक्टर को उसी के थाने के चैम्बर में जाल बिछाकर गिरफ्तार कर लिया.
एसीबी ने बताया कि इंस्पेक्टर कूबावत ने व्यापारी से कामकाज जारी रखने के लिए ₹1,44,500 का आईफोन रिश्वत के तौर पर मांगा था. गिरफ्तारी के बाद पुलिस अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. यह गिरफ्तारी भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश है. एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि भ्रष्टाचार के मामलों की शिकायतें बिना डरे दर्ज कराएं.
रिश्वत में कारोबारी से मांगा था लेटेस्ट आईफोन
इस मामले पर एसीबी के DYSP आर.आर. चौधरी ने कहा कि व्यापारी रिश्वत के तौर पर पुलिस इंस्पेक्टर दिनेश जमनादास कूबावत को 1,44,500 रुपये की कीमत का आईफोन नहीं देना चाहता था. इस बात की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की. जिसके बाद नवसारी एसीबी के इंस्पेक्टर बी.डी. राठवा और उनकी टीम ने मरीन पुलिस थाने के इंस्पेक्टर दिनेश जमनादास कूबावत को रंगे हाथ गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया और उसे पकड़ लिया.