कोरोना वायरस के चलते जहां देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन किया गया है. वहीं वन्य जीवन से भी लगातार अच्छी खबरें आ रही हैं. जूनागढ़ स्थित प्राचीन सक्करबाग चिड़ियाघर में रविवार को शेरनी ने चार शावकों को जन्म दिया. पिछले कुछ दिनों से इस चिड़ियाघर में लगातार कई शेरनी शावकों को जन्म दे रही हैं. अब तक जूनागढ़ और अमरेली में कुल 21 शावकों ने जन्म लिया है.
जूनागढ़ के सक्करबाग में शेरनी डी-4 और त्राकुडा शेर की ब्रीडिंग से इन शावकों ने जन्म लिया है. शेरनी पूरी तरह स्वस्थ है जिस पर सीसीटीवी से भी नजर रखी जा रही है और शेर की खुराक में वृद्धि की गई है. बता दें जूनागढ़ का सक्करबाग जूलॉजिकल पार्क लगभग 150 साल पुराना है, जिसे जूनागढ़ के नवाब मोहब्बत खान ने बनवाया था.
दो शेरनियों ने 8 शावकों को दिया था जन्म
8 अप्रैल को इसी चिड़ियाघर में दो शेरनियों ने 8 शावकों को जन्म दिया था. इससे पहले छह अप्रैल को भी छह और शावकों जन्म दिया था. कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति को देखते हुए इस बार गुजरात के गिर जंगल इलाके में एशियाई शेरों की गिनती की जा सकती है. यह गिनती अगले माह 15 मई से प्रस्तावित है.
कोरोना वायरस के चलते देशभर में लॉकडाउन घोषित किया गया है. इससे गाड़ियों का शोर पूरी तरह से थमा हुआ है. चारों तरफ सन्नाटा छाया हुआ है. इसलिए जंगली जानवर खुश नजर आ रहे हैं. ये जानवर जंगलों के साथ-साथ कई बार सड़कों पर भी घूमते दिखाई दे रहे हैं.