उमेश पाल हत्याकांड के मामले में अतीक अहमद और उसका भाई अशरफ आरोपी हैं.अतीक अहमद जहां गुजरात के साबरमती जेल में बंद है तो वहीं, अशरफ बरेली जेल में कैद है. यूपी पुलिस गैंगस्टर अतीक को गुजरात जेल से प्रयागराज लाने की तैयारी कर रही है. इसके लिए पुलिस रविवार को अहमदाबाद की साबरमती जेल पहुंची थी.बताया जा रहा है कि पुलिस अतीक को सड़क के रास्ते से प्रयागराज लाएगी. इसमें करीब 36 घंटे का समय लग सकता है. यूपी पुलिस अतीक को दोपहर 3 बजे साबरमती जेल से लेकर निकलेगी. इससे पहले अतीक का मेडिकल टेस्ट भी किया जाएगा.
सूत्रों के मुताबिक अतीक से पुलिस प्रयागराज में उमेशपाल हत्याकांड के मामले में पूछताछ करेगी.अतीक के प्रयागराज लाने के लिए पुलिस शिवपुरी से झांसी का रूट लेगी. वहीं अतीक के भाई अशरफ को भी बरेली जेल से प्रयागराज लाया जा सकता है.
इससे पहले शुक्रवार रात को गुजरात की जेलों में करीब 1700 पुलिसकर्मियों और अफसरों ने अचानक सर्च अभियान चलाया था. इनमें से सबसे खास रही साबरमती जेल, जिसमें अतीक अहमद को रखा गया है.
अतीक के शार्प शूटर पर बढ़ाई इनाम की राशि
यूपी में पूर्व विधायक राजूपाल हत्याकांड में 18 साल से फरार चल रहे आरोपी और अतीक अहमद का शार्प शूटर अब्दुल कवी पर अब पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया है.सीबीआई, एसटीएफ और पुलिस 18 साल से उसकी गिरफ्तारी में लगी हुई है. 24 फरवरी को उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस फिर से सक्रिय हो गई. अब्दुल कवी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. पहले उसके ऊपर 50 हजार का इनाम था जिसे बढ़ाकर एक लाख रुपए कर दिया गया.
अतीक की पत्नी और बेटे पुलिस की पहुंच से दूर
वहीं, उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की हत्या को महीनेभर से ज्यादा बीतने के बाद भी शूटरों का कोई सुराग नहीं मिल रहा है. गुजरात के साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन और बेटे असद की तलाश में पुलिस खाक छान रही है. अब दायरा 7 राज्यों तक फैल गया है. यूपी पुलिस को शक है कि शूटर्स महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, पंजाब और दिल्ली में से कहीं छिपे हो सकते हैं. पुलिस के मुताबिक, ये लगातार लोकेशन बदल रहे हैं.
24 फरवरी को हुई थी उमेश पाल की हत्या
25 जनवरी 2005 को हुए बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड में उमेश पाल मुख्य गवाह थे. गवाही से रोकने के लिए 28 फरवरी 2006 को उमेश पाल का अपहरण हुआ था और जिसके बाद उमेश पाल ने कोर्ट में अपने बयान बदल दिए थे. अपहरण कर जबरन बयान दिलवाने के मामले में उमेश पाल ने 1 साल बाद यानी साल 2007 में धूमनगंज थाने में अतीक अहमद अशरफ और दिनेश पासी के खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी. इसी मामले में उमेश पाल की लगातार गवाही चल रही थी और 24 फरवरी 2023 को उमेश पाल जब अपनी गवाही पूरी कर घर लौटे रहे थे, इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी.
उमेश पाल अपहरण कांड में कोर्ट ने 17 मार्च 2018 को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था. जबकि 28 मार्च को MP-MLA कोर्ट अतीक अहमद के साथ ही बरेली जेल में बंद उसके भाई अशरफ और उसके करीबी दिनेश पासी को लेकर फैसला सुनाएगी.
(इनपुट- संतोष शर्मा)
ये भी देखें