प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर गुजरात बीजेपी नेताओं की बैठक शुरू हो गई है. बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल, कानून मंत्री राजेन्द्र त्रिवेदी, गुजरात के मुख्य सचिव कैलाश नाथन मौजूद हैं. बैठक को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने तंज कसा है. उन्होंने ट्वीट किया, भाजपा अगले हफ़्ते गुजरात विधानसभा भंग करके गुजरात के चुनावों का ऐलान करने जा रही है? “आप” का इतना डर?
इस बैठक को गुजरात विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. बीजेपी के बड़े नेता आगामी चुनाव को लेकर मिशन मोड में आ गए हैं. मालूम हो कि गुजरात में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन अभी से चुनावी बिसात बिछने लगी है. सभी पार्टियां अपनी तैयारियों में जुट गई है. हाल ही में BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी गुजरात का दौरा किया.
AAP और BTP के बीच गठबंधन
गुजरात चुनाव को लेकर AAP और BTP के बीच गठबंधन हुआ है. बीटीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश वसावा और आम आदमी पार्टी के गुजरात संयोजक गोपाल इटालिया ने गठबंधन की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि बीटीपी के संस्थापक व विधायक छोटूभाई वसावा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल से मुलाकात कर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. आम आदमी पार्टी ने गुजरात में आदिवासी वोट बैंक को साधने के लिए आदिवासी समुदाय के बीच पकड़ रखने वाली बीपीटी के साथ हाथ मिलाया है.
बता दें कि बीटीपी के गुजरात में दो और राजस्थान में तीन विधायक हैं. पिछले चुनाव में बीटीपी ने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा थी, जिसका सियासी फायदा दोनों ही पार्टियों को आदिवासी बेल्ट में मिला था. बीटीपी का राजस्थान के उदयपुर, डूंगरपुर के इलाके में मजबूत पकड़ है तो गुजरात के बांसवाडा, बनासकांठा, अंबाजी, दाहोद, पंचमहाल, छोटा उदेपुर, नर्मदा जिले में अच्छी पैठ है.
आदिवासी वोटबैंक पर बीजेपी की नजर
इस बार के चुनाव में बीजेपी की नजर आदिवासी वोटों पर है. जिसके चलते कांग्रेस के आदिवासी विधायकों को अपने साथ मिलाकर भूपेंद्र पटेल सरकार मंत्री बनाने से लेकर आदिवासी सम्मेलन तक का दांव चल रही है. बीजेपी आदिवासी वोटबैंक को अपनी तरफ खींचने के लिए गुजरात की भूपेंद्र पटेल सरकार में आदिवासी समुदाय के चार नेताओं को मंत्री बनाया है. साथ ही पीएम मोदी भी आदिवासियों को साधने के लिए दाहोद में आदिवासी सम्मेलन कर चुके हैं.