गुजरात में 'मोजड़ी' पहनने को लेकर चार राजपूत युवकों ने 13 वर्षीय एक दलित किशोर की कथित रूप से पिटाई कर दी. गुजरात के मेहसाणा जिले के बहुचाराजी कस्बे में बुधवार को हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद घटना सामने आई है.
बहुचाराजी के थाना प्रभारी आर. आर. सोलंकी ने बताया कि नाबालिग की ओर से मिली शिकायत के आधार पर चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. सोलंकी ने बताया, आरोप है कि भरत सिंह दरबार सहित चार राजपूत युवकों ने मोजड़ी (राजस्थानी जूती) पहनने को लेकर पीड़ित की पिटाई की.
पुलिस के मुताबिक सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है. अहमदाबाद जिला निवासी नाबालिग ने अपनी शिकायत में कहा है कि जब वह बस स्टॉप पर बैठा हुआ था तो कुछ युवक आये और उससे जाति पूछी. जब उसने बताया कि वह दलित है तो उन्होंने पूछा कि दलित होने के बावजूद उसने मोजड़ी कैसे पहनी हुई है. जब किशोर ने खुद को राजपूत बताकर अपना बचाव करना चाहा तो युवक उसे एक जगह ले गए और उसकी पिटाई की. चारों आरोपियों में से एक ने कथित तौर पर घटना का वीडियो बनाया.
.@CMOGuj once again fails to prevent atrocities towards Dalits. How many more Una do they need to understand and acknowledge ongoing violence and marginalisation of Dalits in the state ? pic.twitter.com/MS5EmYQejS
— Jignesh Mevani (@jigneshmevani80) June 14, 2018
दलित नेता जिग्नेश मेवानी ने इस मामले में ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, गुजरात सरकार दलितों के खिलाफ हमलों को रोकने में नाकाम रही है. राज्य में दलितों के खिलाफ हो रही हिंसा को समझने और जानने के लिए वह कितना उना कांड देखना चाहते हैं? मेवानी का आरोप है कि पुलिस ने अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है.
गौरतलब है कि गुजरात में 11 जुलाई 2016 को उना कांड हुआ था. इसमें 4 दलितों की पिटाई कथिक गौरक्षकों ने की थी. ये सभी लोग एक मरी हुई गाय का चमड़ा उतार रहे थे. जिन्हें गाड़ी में बांधकर पिटाई की थी. इस मुद्दे को लेकर उस दौरान गुजरात में काफी विवाद हुआ था.