गुजरात पुलिस ने साइबर क्राइम में मामले दो ठगों को गिरफ्तार किया है, ये दोनों ठग राजस्थान के रहने वाले हैं, पुलिस ने इन शातिर ठगों को पश्चिमी कच्छ से पकड़ा है. आरोप है कि दोनों ने कई फर्जी बैंक अकाउंट खोला था और इन खातों का इस्तेमाल लोगों से ठगी करने के लिए करते थे. पुलिस को जांच के दौरान पता चला है कि इन खातों का इस्तेमाल इन लोगों ने 10 से ज्यादा राज्यों में लेन-देन के लिए किया है.
पुलिस ने बताया कि इन बैंक खातों के खिलाफ 11 शिकायतें मिली थी, जिसके बाद पुलिस लगातार इनकी तलाश कर रही थी. पुलिस को खातों की छानबीन करने के दौरान पता चला है कि खातों से तकरीबन 1.5 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है. पुलिस को इस बात की आशंका है कि देश के अन्य राज्यों में हुए साइबर क्राइम भी इन खातों का इस्तेमाल हुआ होगा.
पुलिस ने सूचना के आधार छापा मारा
धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम शिशपाल बिश्नोई और गोविंद बिश्नोई है, जो भुज-मुंद्रा रोड पर एक बिल्डींग में रहते थे. पुलिस ने सूचना के आधार यहां छापा मारा और दोनों आरोपियों को दबोच लिया. छापेमारी के दौरान यहां से 14 बैंको के 42 डेबिट कार्ड, 9 बैंको की 26 पासबुक, 14 बैंकों की 47 चेकबुक मिली हैं. इसके अलावा 16 आधार कार्ड, 13 पेन कार्ड, 2 फर्जी लाईट बिल और 2 डायरी भी बरामद की गई है.
पुलिस ने बताया कि डायरी में बैंक खातों की जानकारी लिखी गई थी. जांच के दौरान पता चला कि खातों से किए गए 1.5 करोड़ के लेन देन को खातों से निकाल लिया गया है. पुलिस को 10 राज्यों से 11 साइबर क्राइम की शिकायतों के बारे में जानकारी मिली है. जिसमें राजस्थान, गुजरात, तेलंगाणा और ओडिशा की पुष्टि हो गई है, वहीं बाकी राज्यों के साथ अभी पुलिस संपर्क कर रही है.
मामले की जांच की जा रही है
पश्चिम कच्छ के एसपी विकास सुंडाने बताया कि हमें जानकारी मिली थी कुछ लोग फर्जी आधार कार्ड बनाकर बैंक खाते खुलवाते हैं और इसका इस्तेमाल साइबर क्राइम के लिए करते हैं. इन बैंक खातों में नाम अलग होता था, पता किसी और का होता था और तस्वीर किसी और की होती थी, ताकि साइबर क्राइम में जब पुलिस बैंक खातों की जानकारी प्राप्त करें तो असली लोगों तक न पहुंच पाए.
उन्होंने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी करके 2 राजस्थानी हिस्ट्रीशीटरों को गिरफ्तार किया है. शिशपाल बिश्नोई पर साइबर क्राइम, पोक्सो, पेपर लीक, धोखाधड़ी जैसी धाराओं में केस दर्ज हैं. इन दोनों ने पुलिस को वित्तीय लेनदेन की जानकारी बताते हुए कहा कि जो पैसे उठाए गए, वो राजस्थान भेजे दिए गए हैं. अब ये पैसे किन लोगों को भेजे गए और आगे कौन लोग इस धोखाधड़ी में जुड़े हुए हैं, इस पर पुलिस जांच कर रही है.