गुजरात में सरकारी भर्ती परीक्षा के पेपर लीक को लेकर अब भूपेंद्र पटेल सरकार अपने चुनावी वादे के मुताबिक नया कानून लाने जा रही है. गुजरात सरकार पेपर लीक मुद्दे पर जो नया विधेयक इस बजट सत्र में लाने जा रही है, उसमें पेपर लीक करने वाले को 3 साल से लेकर 10 साल तक की कैद और 1 लाख से लेकर 1 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान रखा जा रहा है.
इस कानून के तहत आरोपी को जमानत नहीं मिलेगी. इस कानून में पेपर खरीदने वाले छात्र को भी 2 से लेकर 10 साल की सजा का प्रावधान रखा गया है.
शराबबंदी कानून पर उठे सवाल
दिलचस्प है कि जो कानून बनाया गया है, उसमें गुजरात में अब तक जो 14 पेपर लीक हुए हैं, उसे लेकर कोई बात नहीं कही गई है. पेपर लीक मुद्दे पर लगातार छात्रों के लिए लड़ाई करने वाले युवराज सिंह का कहना है कि ये कानून गुजरात सरकार के लिए देर आए दुरुस्त आए जैसा है, लेकिन सवाल यही है कि गुजरात में शराबबंदी को लेकर भी कानून है. लेकिन वो सिर्फ कागज पर ही दिखाई देती है.
बजट सत्र के दौरान सरकार पेश करेगी कानून
23 तारीख से गुजरात विधानसभा में बजट सत्र शुरू हो रहा है. वैसे में गुजरात विधानसभा में बीजेपी के जरिए ये बिल रखा जाएगा, जिसमें विपक्ष कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के जरिए समर्थन मिलने की उम्मीद है. क्योंकि गुजरात के सभी पक्ष अपने चुनावी वादे में ये वादा कर रहे थे कि वो गुजरात में पेपर लीक के मुद्दे पर कानून लेकर आएंगीं. गौरतलब है कि, भूपेंद्र पटेल की नई सरकार गुजरात में बनने के बाद सरकारी भर्ती परीक्षा का जूनियर क्लर्क की परीक्षा का पेपर लीक हो गया था, जिस वजह से 9.50 लाख छात्रों को मुसीबत का सामना करना पड़ा था.
इस अधिकारी को सौंपी जाएगी कमान
अब सरकार के जरिए पंचायत परीक्षा के लिए हसमुख पटेल के जैसे सख्त आईएएस अधिकारी को इम्तिहान की कमान सौंपी गई है. हालांकि अब इम्तिहान दोबारा से कब होगा, ये तो अभी तक तारीख नहीं आई है, लेकिन अब उम्मीद यही है कि अब इस कानून के डर से पेपर लीक नहीं होगा.