
गुजरात के सौराष्ट्र, मध्य गुजरात और उत्तर गुजरात में पिछले 24 घंटे से भी अधिक समय से भारी बारिश हो रही है. इस वजह से नदियां उफान पर हैं. कई इलाके बाढ़ के पानी में डूबे हैं, तो कई इलाकों को जोड़ने वाली सड़कें बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो गई हैं. गुजरात के कच्छ में नदियों का पानी सड़कों पर बह रहा है. वहीं, बंगाल की खाड़ी में बने हवा के कम दबाव के क्षेत्र की वजह से अगले 24 घंटे भारी बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने व्यक्त किया है.
उत्तर गुजरात का मेहसाणा, पाटन और बनासकांठा समेत पूरा सौराष्ट्र बारिश के कारण बाढ़ की जद में है. वहीं, कम बारिश के लिए प्रसिद्ध कच्छ में भी हालात ऐसे हैं कि डैम ओवरफ्लो हो रहा है और नदियां भी उफान पर हैं. कच्छ में पिछले कई दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण हालात बदतर होने लगे हैं. कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी हो रही है.
कच्छ के बांध, नदी, तालाब में जलस्तर बढ़ गया है. सीमावर्ती इलाकों को शेष गुजरात से जोड़ने वाली सड़कों पर उफनाई नदियों का पानी बह रहा है. इन इलाकों का सड़क संपर्क टूट गया है. भारी बारिश के कारण भुज, मांडवी, अंजार जैसे शहरों में हालात इतने बिगड़ गए हैं कि लोगों के घरों में भी पानी घुसने लगा है. निचले इलाकों में घर और दुकानों में जलभराव की स्थिति है.
गौरतलब है कि गुजरात के कच्छ जिले में इस मॉनसून सीजन में अबतक रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है. भारी बारिश की वजह से किसानों की फसल बर्बाद हो चुकी है, खेतों में हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है. अधिकतर ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली सड़कें जलमग्न हैं और लोग पानी में डूबे रास्तों से ही अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं. लोगों का आरोप है कि अबतक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी इलाके में हालात जानने नहीं पहुंचा है.
वहीं, राजकोट समेत पूरे सौराष्ट्र में भी भारी बारिश हो रही है. राजकोट के 25 में से 15 बांध ओवरफ्लो हो रहे हैं. राजकोट के गोंडल स्थित स्वामीनारायण मंदिर अक्षरघाट भी पानी में डूब गया है. पिछले 8 दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई स्थानों से लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. राजकोट में आजी नदी के किनारे आये हुए जंगलेश्वर, कुबलिया परा, भवानी नगर समेत अन्य इलाकों में रहने वाली एक हजार से अधिक की आबादी को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है.
मोरवी-कच्छ नेशनल हाईवे पर आवागमन ठप
मोरवी और कच्छ को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे पर पानी जमा हो जाने और इसके कई जगह क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण आवागमन रोक दिया गया है. बताया जाता है कि पिछले दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मोरबी की मच्छु नदी उफान पर है. मच्छु-2 बांध ओवरफ्लो हो रहा है. डैम के 16 में से 12 दरवाजों को खोल दिया गया हैं. इसके कारण मच्छु नदी का पानी हाईवे पर आ गया है.