गुजरात के गांधीनगर स्थित पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी (पीडीपीयू) का दीक्षांत समारोह था. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि थे. इसे लेकर पीडीपीयू के पूर्व छात्र और पुस्तक 'ऑन प्वाइंट नरेंद्र मोदी' पुस्तक के लेखक सुल्तान अलीमुद्दीन ने ट्वीट कर उनके साथ मुलाकात की अपनी यादें शेयर की हैं.
अलीमुद्दीन ने ट्वीट कर कहा है कि पीडीपीयू के सबसे पुराने छात्रों में से एक होने के कारण मेरे पास बहुत सी यादें हैं. इनमें उस मुलाकात की यादें भी शामिल हैं, जब मैंने उन्हें पवित्र कुरान भेंट की थी. नरेंद्र मोदी से मुलाकातों को याद करते हुए अलीमुद्दीन ने एक के बाद एक, सिलसिलेवार तरीके से कई ट्वीट किए हैं और नरेंद्र मोदी की तारीफ की है.
अलीमुद्दीन ने कहा है कि नरेंद्र मोदी के गुजरात में मैंने एक मिनट के लिए असहज महसूस नहीं किया. वहां के वातावरण में असहज करने जैसा कुछ नहीं है. सारी चीजें व्यवस्थित हैं. लोग सहयोगी और मददगार थे. वातावरण में शांति थी और इसे महसूस भी किया जा सकता था. वहां कोई पूर्वाग्रह या असहिष्णुता नहीं थी. अलीमुद्दीन इतने पर ही नहीं रुके.
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उन्होंने कहा है कि वहां धर्म के कारण मेरी राह में कोई बाधा नहीं थी. कॉलेज के दिनों को याद करते हुए अलीमुद्दीन ने कहा है कि साल 2008 में पढ़ने के लिए गुजरात आया था. कॉलेज में दो दर्जन से अधिक कार्यक्रमों के प्रबंधन, संचालन और प्रायोजन का जिम्मा मेरा रहा. इन आयोजनों के दौरान लोगों को साथ लेकर चलने या प्रबंधन में कोई समस्या नहीं हुई.
I won’t ever forget what Modi sir told me in December 2013- Do not give up, for the world will always put hurdles in your path. Make the hurdles your friend, if you want to make a mark in the long run. Follow your dreams, for nothing is unachievable in today’s world. pic.twitter.com/x7M7XJNWWo
— SULTAN ALIMUDDIN (@sultanalimuddin) November 21, 2020
वह कहते हैं कि इंजीनियरिंग का जीवन मेरे लिए एक यादगार यात्रा बन गया और मेरे लिए सीमा आकाश था. अलीमुद्दीन ने पीएम मोदी के साथ एक मुलाकात को याद करते हुए कहा है कि अगली मीटिंग्स के दौरान मोदीजी ने अपना विजन बताया कि पीडीपीयू को भारत की ऊर्जा इंडस्ट्री की लाइफ लाइन बनाना है. उनका सपना क्रूशियल ऑयल और गैस के क्षेत्र में भारत को आत्म निर्भर बनाने का था, जिसमें मांग का 80 फीसदी हिस्सा हम आयात करते हैं. उनका सपना भारत को ऊर्जा महाशक्ति बनाने का था.
अलीमुद्दीन ने साथ ही यह भी जोड़ा कि वे (नरेंद्र मोदी) चाहते हैं कि हर युवा अपने दिल के लिए काम करे. खुले दिल और दिमाग से अपने सपनों को फॉलो करें और हार न मानें. एक युवा होने के नाते आप किसी भी गलत चीज के खिलाफ लड़ने में सक्षम होना चाहिए और इसके बाद बगैर किसी भय और इनाम की चाह के उसके लिए खड़े रहना चाहिए.