
गुजरात के साबरकांठा में एक दलित युवक की शादी पुलिस प्रोटेक्शन में कराई गई. दलित युवक का कहना है कि स्थानीय लोगों ने बैंड बाजे के साथ शादी करने और घोड़े पर बैठने का विरोध किया था. इसलिए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई गई. शादी के दौरान गांव में 100 से ज्यादा पुलिसवाले मौजूद थे. पुलिस की मौजूदगी में दलित युवक की शादी धूमधाम से हुई.
क्या है मामला?
दरअसल, ये पूरा मामला साबरकांठा के वडाली तहसील के भजपुरा गांव का है. यहां नरेश नाम के एक दलित युवक की शादी थी. वह शादी में बैंड बाजे के साथ घोड़े पर बैठकर बारात निकालना चाहता था. बताया जा रहा है कि कुछ स्थानीय 'ऊंची जाति के लोगों' ने इस पर आपत्ति जताई. जिसके बाद नरेश ने पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा देने की अपील की.
पुलिस ने दी सुरक्षा, फिर निकली बारात
बारात रोके जाने की आशंका को लेकर पुलिस और प्रशासन ने गांव में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए. इसके बाद दलित दूल्हे का शान के साथ बारात निकालने का सपना पूरा हुआ. पुलिस प्रशासन की मौजूदगी के बीच युवक की धूमधाम से शादी हुई और बारात में वह घोड़े पर भी सवार हुआ.
गांव में मौजूद थी भारी फोर्स
साबरकांठा जिला पुलिस ने दलित युवक की बारात निकाले जाने को लेकर पूरे गांव में 120 से ज्यादा जवान तैनात किए थे. गांव में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बारात के रूट पर पुलिसकर्मी तैनात रहे. पुलिस की मौजूदगी का नतीजा ये रहा कि दलित दूल्हे ने भी बिना किसी डर के पूरी धूमधाम से अपनी बारात निकाली. शादी के बाद परिजनों ने पुलिस-प्रशासन का आभार जताया.
दलित दूल्हे ने कही ये बात
नरेश ने कहा कि 21वीं सदी में भी पुलिस की मौजूदगी में बारात निकालना पड़े, ये ठीक बात नहीं है. सामाजिक भेदभाव होने की बदौलत ऐसी स्थिति आई कि शादी के मंगल कार्य में पुलिस को बुलाना पड़ा. गांव में शादी से एक दिन पहले ही पुलिस को तैनात कर दिया गया था.