विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के मेड इन चाइना होने को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है. गुजरात के भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायक और आदिवासी नेता छोटूभाई वसावा का कहना है कि अगर मेड इन चाइना का विरोध हो रहा है, तो स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को भी हटा देना चाहिए. वहीं, कांग्रेस ने भी मेड इन चाइना स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को लेकर सवाल उठाया है.
गुजरात के आदिवासी इलाके छोटा उद्देपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट और विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को हटाने की मांग हो रही, जिसके समर्थन में भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायक छोटूभाई वसावा है.
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दरअसल, छोटूभाई वसावा ने गुरुवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का विरोध करते हुए मेड इन चाइना की बनी प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को हटाने की मांग की. छोटूभाई वसावा ने आरोप लगाया कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए सरकार आदिवासियों की जमीन छीन रही है. यहीं नहीं आगे उन्होंने कहा कि बीजेपी चीन के सामान का विरोध कर रही है, तो स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, जो कि चीन में बनी है उसे भी हटा देना चाहिए.
चीन का विरोध
गौरतलब है कि पिछले लंबे वक्त से छोटूभाई वसावा छोटा उद्देपुर के पूरे इलाके में आदिवासियों के हक के लिए आंदोलन करते आए हैं. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आस-पास के इलाके में टूरिज्म डेवल्पमेंट के लिए सरकार आदिवासियों की जमीन लेना चाहती है, जिसे लेकर छोटूभाई वसावा पिछले कई महीनों से सरकार के खिलाफ भी आंदोलन कर रहे हैं.
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वहीं, कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवाडिया ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को लेकर कहा कि मेड इन चाइना वाली इस विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा से खुद सरदार पटेल भी काफी व्यथित होंगे.
बता दें कि ये प्रतिमा जब बन रही थी, तभी इस प्रतिमा के मेड इन चाइना होने को लेकर विवाद हो चुका था. अब जब चीन के साथ खूनी संघर्ष में देश के 20 जवान शहीद हुए, तो एक बार फिर चीन का विरोध करते हुए इस प्रतिमा को भी मेड इन चाइना बताकर हटाने की मांग की जा रही है.
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