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गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के विधायक ने गृहमंत्री को कहे अपशब्द, 7 दिनों के लिए सस्पेंड

पूंजा वंश को 7 दिन के लिए विधानसभा से सस्पेंड कर दिया गया. गृहमंत्री हर्ष संधवी ने कड़े शब्दों में कांग्रेस का विरोध करते हुए कहा कि कांग्रेस इस तरह से हाउस की कार्यवाही में बाधा डालती है. साथ ही ड्रग्स जैसे मुद्दे को लेकर गृहमंत्री ने कहा कि विधानसभा में इसे लेकर निष्पक्ष चर्चा होनी चाहिए.  

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Gujrat
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स्टोरी हाइलाइट्स
  • गृहमंत्री हर्ष संधवी को कहे अपशब्द
  • 7 दिनों के लिए सस्पेंड पूंजा वंश

गुजरात विधानसभा में आज प्रश्न काल के दौरान कांग्रेस ने इतना हंगामा किया कि विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस के उना के विधायक पूंजा वंश को 7 दिनों के लिए सस्पेन्ड कर दिया गया. दरअसल आज कांग्रेस विधायक नौशाद सोलंकी ने एक सवाल पूछा. सरकार से जवाब ना मिलने की वजह से वो हाउस के अंदर जमीन पर बैठ गए.

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ऐसे में कांग्रेस के सभी विधायक खड़े हो कर हल्ला मचाने लगे, जिसके सामने भाजपा के विधायकों ने भी हल्ला शुरू कर दिया. कांग्रेस के विधायक पूंजा वंश ने गृहमंत्री हर्ष संधवी के सामने इशारा करते हुए टपोरी जैसे आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया.

इसको लेकर विधानसभा में और ज्यादा हंगामा शुरू हो गया और विधानसभा कुछ वक्त के लिए स्थगित हो गई. हालांकि, राजस्व मंत्री राजेन्द्र त्रिवेदी ने इन आपत्तिजनक शब्दों को वापस लेने के लिए कहा. इसपर पूंजा वंश ने कहा कि गृहमंत्री का बर्ताव उनके पद को शोभा नहीं देता है. विधानसभा अध्यक्ष को मामले में दखअंदाजी करनी पड़ी, तब जाकर मामला शांत हुआ. लेकिन बीजेपी की ओर से गृहमंत्री हर्ष संधवी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तमाल करने वाले कांग्रेस के पूंजा वंश को 7 दिन के लिए हाउस से सस्पेन्ड करने का प्रस्ताव रखा गया. ये प्रस्ताव खुद बीजेपी के दंडक पंकज देसाई ने रखा. जिसे बीजेपी के विधायकों ने बहुमत से पास करते हुए पूंजा वंश को 7 दिनों के लिए सस्पेन्ड करा दिया.

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मामले को लेकर गृहमंत्री हर्ष संधवी ने कड़े शब्दों में कांग्रेस का विरोध करते हुए कहा कि कांग्रेस इस तरह से हाउस की कार्यवाही में बाधा डालती है. साथ ही ड्रग्स जैसे मुद्दे को लेकर गृहमंत्री ने कहा कि विधानसभा में इसे लेकर निष्पक्ष चर्चा होनी चाहिए.  

विधानसभा से बहार निकलने के बाद पूंजा वंश ने कहा कि ये बीजेपी ड्रग्स के मामले में विधानसभा में चर्चा ही नहीं करना चाहती है. यही वजह है कि मुद्दे को दबाने की प्रयास करते हुए ये लोग विपक्ष पर ही इस तरह के आरोप लगा देते हैं.
 

 

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