गुजरात हाईकोर्ट में जस्टिस अनंत दवे को एक्टिंग चीफ जस्टिस बनाने पर रोक लगा दी गई है. मुंबई हाईकोर्ट में चार्ज न लेने तक जस्टिस अकील कुरैशी ही गुजरात के एक्टिंग चीफ जस्टिस बने रहेंगे. चीफ जस्टिस आर सुभाष रेड्डी की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति होने के बाद गुजरात हाईकोर्ट में यह पद खाली हुआ है.
गौरतलब है कि शुक्रवार को गुजरात हाईकोर्ट में वकीलों की हड़ताल के बीच जस्टिस अनंत दवे को एक्टिंग चीफ जस्टिस बनाने के फैसले को बदलते हुए भारत सरकार के कानून मंत्रालय ने जस्टिस अकील कुरैशी को हाई कोर्ट का एक्टिंग चीफ जस्टिस बनाने का फैसला किया. जस्टिस कुरैशी के मुंबई हाईकोर्ट में चार्ज न लेने तक वे गुजरात हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस बने रहेंगे. दिलचस्प बात यह है कि पिछले 24 घंटे के अंदर यह फैसला लिया गया है. इसके पीछे सरकार की मंशा साफ नहीं हो पाई है.
इस बीच, गुजरात हाईकोर्ट में जस्टिस अकील कुरैशी को बॉम्बे हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने का गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने काफी विरोध किया है. ट्रांसफर के विरोध में हाईकोर्ट के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है. हाईकोर्ट के वकील शुक्रवार से लेकर 20 तारीख तक हड़ताल पर रहेंगे और 20 तारीख के बाद आगे का फैसला लेंगे.
जस्टिस कुरैशी के ट्रांसफर के खिलाफ हाईकोर्ट के वकील याचिका भी दायर करेंगे. हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष यतिन ओझा का कहना है कि जस्टिस कुरैशी के ट्रांसफर के पीछे उनके लिए गए कुछ फैसले कारण हैं. कुछ समय पहले जस्टिस अकील कुरैशी ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ फैसले लिए थे. सोहराबुद्दीन केस में अमित शाह के रिमांड की याचिका और लोकायुक्त केस में तत्कालीन गुजरात सरकार के खिलाफ लिए गए फैसलों की वजह से जस्टिस कुरैशी को निशाना बनाया गया. ऐसा हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन का दावा है.
गौरतलब है कि कानून मंत्रालय के नोटिफिकेशन में यह लिखा गया है कि जब तक अकील कुरैशी चार्ज नहीं लेते हैं, तब तक वो गुजरात हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस बने रहेंगे. दूसरी ओर बार काउंसिल भी अपनी मांग पर अड़ा हुआ है.