केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान किया है. विपक्षी पार्टियों ने इसका समर्थन किया है. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने साफ कह दिया है कि गुजरात में बंद करवाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
साथ ही उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के नाम पर जो भारत बंद आंदोलन किया जा रहा है. उसमें सिर्फ़ किसान का नाम है, बल्कि खुद के अस्तित्व को बचाने के लिए विरोधी पक्ष एक हो रहा है. बता दें कि किसान आंदोलन के चलते गुजरात में धारा 144 लागू कर दी गई है, चार लोगों के इकट्ठा होने पर सख्त कार्यवाही होगी.
उन्होंने आगे कहा कि किसान अंदोलन में किसान नेताओं ने कहा था कि वह किसी राजनीतिक दल को जोड़ेंगे नहीं. कांग्रेस का अस्तित्व ख़त्म हो चुका हे कांग्रेस के साथ ना कोई जनता है और ना ही कोई संगठन है, उन्होंने 2019 के चुनाव पत्र में लिखा था की वो मंडी एक्ट को नाबूद करेंगे. इससे पहले चुनावी पत्र में कहा था कि एमएसपी को हटाया जाएगा.
उन्होंनें आगे कहा कि जो भी लोग गुजरात में जबरदस्ती बंद करवाने के लिये निकलेंगे उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही लॉ एन्ड ऑर्डर सिस्टम भी बनाए रखने में सरकार सभी तरह के कदम उठाएगी. साथ ही बड़े पैयमाने पर सभी जगहों पर पुलिस को तैनात कर दिया गया हैं.
वैसे में अगर उत्तर गुजरात की बात की जाएं तो उत्तर गुजरात की सब से बड़ी महेसाणा एपीएमसी ने किसानों के भारत बंद का समर्थन नहीं किया हैं, इस अलावा उंझा, महेसाणा, खेरालु, कडी, विजापुर समेत दूरसे जिलों के एपीएमसी हररोज की तरहा चालू रहेंगे. वहीं, पुलिस के जरिए गुजरात की सभी एपीएमसी में सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है, ताकी यहां अपनी फसल बेचने आने वाले किसान को किसी भी तरहा की दिक्कत का सामना ना करना पड़े.
तो वहीं, हाइवे पर चक्का जाम ना हो इस लिए एन्ट्रीपोइन्ट पर पुलिस को तैनात किया गया हैं. ताकी हाइवे से गुजरने वाले सभी वाहनों की आवाजाही हमेंशा की तरहा जारी रहे वहीं बनासकांठा जिले की एपीएमसी ने भी “भारत बंद” में शामिल होने से इनकार कर दिया है. इसलिए, पालनपुर, थराद, पांथवाड़ा सहित जिले के मार्केट यार्ड कल जारी रहेंगे.इसके अलावा भारतीय किसान संघ ने भारत बंद का समर्थन नहीं किया है. गुजरात किसान संघ ने कहा कि आंदोलन कर किसानों को गुमराह किया जा रहा है. आंदोलन में विदेशी ताकतें शामिल हैं और अन्य राजनीतिक दल भी फायदा उठाने के लिए इसका समर्थन दे रहे हैं. संघ के लोगों ने गुजरात के लोगों से सतर्क रहने और शांति बनाए रखने की अपील की ताकि कोई अप्रिय घटना न हो.
जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार और किसानों के बीच पांच दौर की बातचीत हो चुकी है. दिसके बाद किसी तरह का कोई नतीजा नहीं निकला है. हालांकि, इस बातचीत से पहले ही किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान कर दिया था.