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हार्दिक हुए  Out तो अब क्या नरेश पटेल होंगे In? पाटीदार नेता से कांग्रेसियों ने मुलाकात की

गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सबसे बड़ी जातिवादी पार्टी है. यहां कार्यकारी अध्यक्ष को जिम्मेदारी सिर्फ पेपर पर दी जाती है. मैं दो साल तक गुजरात कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष रहा, लेकिन मुझे कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई. 

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राजकोट में नरेश पटेल से मिले कांग्रेस के नेता (फाइल फोटो)
राजकोट में नरेश पटेल से मिले कांग्रेस के नेता (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राजकोट में नरेश पटेल के फार्म हाउस पर हुई मुलाकात
  • खोडलधाम के चेयरमैन व पाटीदार समाज में बड़ा नाम हैं नरेश

गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष के पद से हार्दिक पटेल के इस्तीफा के बाद अब कांग्रेस की नजर नरेश पटेल पर टिक गई है. कांग्रेस के सभी नेता गुरुवार को राजकोट पहुंचे. यहां उन्होंने नरेश पटेल के फार्म हाउस पर ही उनसे मुलाकात की. इन कांग्रेस नेताओं में रघु शर्मा, जगदीश ठाकोर, हार्दिक पटेल के पूर्व साथी ललीत कगथरा, परेश धानानी भी शामिल थे.

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हालांकि कांग्रेस नेताओं इसे नरेश पटेल के साथ फॉर्मल मीटिंग बताया. गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष जगदीश ठाकोर से जब बैठक के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि नरेश पटेल के साथ हमारा चाय का कार्यक्रम था.

'हमने उन्हें कांग्रेस में आने का दिया है न्योता'

नरेश पटेल को लेकर हार्दिक पटेल ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि कांग्रेस उनकी जॉइनिंग को लेकर तालमटोल कर रही है. इस पर जगदीश ठाकोर ने कहा कि नरेश पटेल को कांग्रेस में शामिल करने के लिए गुजरात प्रदेश कांग्रेस के सभी नेताओं ने सार्वजनिक रूप से उन्हें न्योता दिया है. अब फैसला उन्हें लेना है.  

सौराष्ट्र में है पाटीदारों का वर्चस्व

राजनीति के जानकार मानते हैं कि गुजरात की सत्ता पर अगर काबिज होना है तो पाटीदार वोट बैंक अपने साथ करना होगा, इसलिए कांग्रेस हार्दिक पटेल का साथ छूटते ही नरेश पटेल की तरफ उम्मीद से रही है. सौराष्ट्र की 54 सीटों पर 2017 के चुनाव में बीजेपी को यहां पर कांग्रेस से जबरदस्त टक्कर मिली थी. पाटीदार आंदोलनकी वजह से कांग्रेस ने सौराष्ट्र में 55% सीटें यानी 30 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी ने 33% सीटें यानी 23 सीटें जीती थीं. नरेश पटेल पाटीदार समाज के चर्चित चेहरा हैं. वह धार्मिक संस्था खोडलधाम के चेयरमैन भी हैं.

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गुजरात यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष के इस्तीफे की उठी मांग

हार्दिक पटेल के कांग्रेस छोड़ने के बाद अब कांग्रेस में उनके समर्थन से जो लोग आए हैं, उनके इस्तीफे की मांग उठने लगी है. हार्दिक के समर्थन से गुजरात यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बने विश्वनाथ सिंह वाघेला को लेकर कांग्रेस में ही हार्दिक के विरोधी ग्रुप ने सोशल मीडिया पर इस्तीफे की मांग कर ली है. विश्वनाथ सिंह के सामने इंद्र विजय सिंह गोहिल का ग्रुप अब सक्रिय हो गया है. 

वहीं विश्वनाथसिंह ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि हार्दिक पटेल के समर्थन से मैं यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष बना लेकिन मुझे उनके साथ जाना है या नहीं जाना, यह मेरा खुद का फैसाल रहेगा. मालूम हो कि हार्दिक और इंद्र विजय सिंह के ग्रुप के बीच का कलह पार्टी के हर नेता को पता थी लेकिन कभी किसी ने सुलह करवाने की कोशिश नहीं. 

यूक कांग्रेस के चुनाव में 5 करोड़ तक करने पड़ते हैं खर्च

हार्दिक पटेल ने अब यूथ कांग्रेस के चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यूथ कांग्रेस के चुनाव के लिए भी उम्मीदवार को 5 करोड रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं. इसके अलावा उम्मीदवारों को सदस्य भी बनाने पड़ते हैं. जो सबसे ज्यादा सदस्य बना लेता है, उसे यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष बना दिया जाता है. क्या यह कांग्रेस के पैसे कमाने का तरीका नहीं है?

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इस आरोप पर जगदीश ठाकोर ने कहा कि हार्दिक को पता होना चाहिए कि यह कांग्रेस का वर्षों पुराना सिस्टम है. उन्होंने कहा कि वह खुद के लोगों को इस चुनाव में खड़ा करवाना चाहते हैं, उन्हें हर जगह पर अपना चाहिए, अगर ऐसा नहीं है तो वह क्यों फोर्म भरवा रहे थे.

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