गुजरात के खंभात स्थित शकरपुरा में रामनवमी के दिन सांप्रदायिक हिंसा हुई थी. इस मामले में शुक्रवार को प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए कई दुकानों पर बुलडोजर चला दिया. यह कार्रवाई उस जगह पर की गई, जहां पत्थरबाजी की गई थी. माना जा रहा है कि ये वहीं दुकानें हैं जो दरगाह के पास बनी थीं और यहीं से रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान पथराव किया गया था. पुलिस को सबूत मिले हैं कि इन दुकानों में पत्थर को लाकर छुपाया गया था, जिसके बाद कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच तहसील के कर्मचारियों ने यहां बनीं अवैध दुकानों को बुलडोजर से गिरा दिया.
तीन मौलाना साजिश के मुख्य आरोपी
पुलिस पहले ही कह चुकी कि खंभात में जो हिंसा हुई थी, वह पूरी तरह से पूर्वनियोजित थी. हिंसा मामले में जिन 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, उनमें से 3 मौलाना और उनके साथी इस साजिश के प्रमुख आरोपी हैं.पुलिस ने बताया कि एक मौलवी मुस्तकीम और उसके दो साथी मतीन और मोहसिन के साथ ही रजाक अयूब, हुसैन हाशमशा दीवान भी इस साजिश के बड़े किरदार हैं.
शांति बनाने के लिए हुई यह कार्रवाई
असिस्टेंट पुलिस सुपरिटेंडेंट ने कहा कि संवेदनशील इलाकों में शांति बनी रहे इसलिए इस तरह की गैरकानूनी दुकानों को प्रशासन ने हटाया है. पुलिस ने इस मामले में 9 लोगों के गिरफ्तार किया है. खंभात दंगे में 1 व्यक्ति की मौत हुई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे.
विदेश में रची गई थी हिंसा की साजिश
खंभात हिंसा मामले में पुलिस ने दावा किया कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए विदेश में साजिश रची गई थी. आणंद जिले के पुलिस अधीक्षक अजीत राजियां ने कहा कि हिंसा को अंजाम देने के लिए एक दिन पहले ही कुछ लोगों को खंभात के बाहर से बुलाया गया था. साथ ही पत्थर और दूसरी घातक चीजें भी लाई गईं थीं. हिंसा के दौरान आरोपियों ने पथराव और आगजनी के लिए लोगों को उकसाया. साथ ही हिंसा के लिए पैसे भी इकट्ठा किए गए थे.
एमपी के खरगौन में भी चला बुलडोजर
रामनवमी के दिन एमपी के खरगोन में भी रामनवमी पर हिंसा फैली थी. इसके बाद प्रशासन ने जुलूस पर पथराव करने वाले और हिंसा के आरोपियों की अवैध संपत्ति को ढहा दिया था.