मोरबी पुल दुर्घटना मामले में सरकार ने नगर पालिका अध्यक्ष को कारण नोटिस जारी किया था. इसमें पूछा गया था कि पालिका को क्यों नहीं बर्खास्त किया जाए. मोरबी नगर पालिका ने सामान्य सभा बुलाकर जवाब तब तक पेश ना करने का निर्णय किया है जब तब पुल से संबंधित सभी दस्तावेज सामान्य सभा में पेश नहीं कर दिए जाते. पालिका के सदस्यों ने निर्णय लिया कि जांच समिति पालिका से ले गई सभी जरूरी दस्तावेज सरकार जब तक नहीं लौटाती तब तक नोटिस का जवाब नहीं दिया जाएगा.
कंपनी मालिक के खिलाफ लुकआउट नोटिस
पिछले साल गुजरात के मोरबी में हुए ब्रिज हादसा मामले में ओरेवा कंपनी के मालिक जयसुख पटेल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है. साथ ही पुलिस ने पटेल को चार्जशीट में आरोपी बनाया है, हालांकि चार्जशीट अभी कोर्ट में जमा नहीं की गई है. वहीं वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने जयसुख पटेल के लिए लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया है. जिसके बाद माना जा रहा है कि जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. पटेल ने दो दिन पहले ही कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की गई थी.
135 लोगों की चली गई थी जान
गुजरात के मोरबी में मच्छु नदी पर बना हैंगिंग ब्रिज टूट गया था. हादसे के वक्त इस पर 300-400 लोग मौजूद थे. सभी लोग नदी में गिर गए थे. हालांकि, इनमें से कुछ की जान बचा ली गई थी. इस हादसे में 135 लोगों की मौत हुई थी. चौंकाने वाली बात ये है कि ब्रिज हादसे से 5 दिन पहले ही 7 महीने की मरम्मत के बाद खोला गया था. साथ ही ब्रिज खोलने से पहले फिटनेस सर्टिफिकेट भी नहीं लिया गया था. इस ब्रिज के रखरखाव का ठेका ओरेवा कंपनी के पास ही था. जिसके बाद कंपनी और उसके मालिक के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था.