गुजरात के सूरत में एक बैंक से 1.05 करोड़ रुपये कैश और आभूषण चोरी के मामले में पुलिस ने आठ अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, गिरोह का मास्टरमाइंड सूरज लुहार है जो पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और अभी फरार है.
बैंक में चोरी के मामले में आरोपियों को सूरत, दिल्ली, पंजाब और बिहार से गिरफ्तार किया गया है. न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि 16 दिसंबर की रात अज्ञात चोरों ने मंगरोल तालुका के पलोद में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI) की एक शाखा में दीवार में छेद कर अंदर प्रवेश किया. चोरों ने छह लॉकर तोड़कर 1.05 करोड़ रुपये की नकदी, 1.47 किलोग्राम सोना और 4 किलोग्राम चांदी लेकर फरार हो गए.
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान लगभग 500 सीसीटीवी फुटेज स्कैन किए. जांच में पता चला कि सयान गांव के निवासी दीपक महतो और यश महात्मा ने मास्टरमाइंड सूरज लुहार की मदद की थी. उन्होंने इलाके की रेकी करने में मदद की और वारदात को अंजाम देने के लिए पिकअप ट्रक उपलब्ध कराया था.
पुलिस ने 53.58 लाख रुपये मूल्य की नकदी और आभूषण बरामद किए हैं. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दीपक महतो, यश महात्मा, बरखु कुमार बिंद, सूरज सिंह, जयप्रकाश बिंद, कुंदनकुमार बिंद, खीरू बिंद और बादल महतो शामिल हैं.
बता दें कि दो आरोपियों खीरू और कुंदन कुमार को बिहार के मुंगेर जिले से, बादल महतो को भागलपुर से, जयप्रकाश को पंजाब से और सूरज सिंह और बरखु कुमार को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है.
मास्टरमाइंड अब तक फरार
पुलिस के अनुसार, सूरज लुहार ने अगस्त में बैंक की 20 दिनों तक रेकी की थी, महतो ने चोरी के लिए कंक्रीट ब्रेकर, इलेक्ट्रिक ग्राइंडर और अन्य उपकरणों की व्यवस्था की थी. चोरी के बाद आरोपी वडोदरा रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां से दिल्ली गए, जहां उन्होंने बरखु कुमार के गोदाम में चोरी का माल बांटा. चोरी के माल के हिस्से के रूप में बरखु कुमार को एक सोने की चेन दी गई थी.
पुलिस के अनुसार, लुहार ने अन्य सहयोगियों को पलोद बुलाया और पूरी योजना का संचालन किया. फिलहाल, पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है. पुलिस ने यह भी बताया कि गिरोह के सभी सदस्य आपस में जुड़े हुए हैं और यह गैंग बड़ी और सुनियोजित चोरियों में शामिल था.