गुजरात के आणंद जिले में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के निर्माण स्थल पर मंगलवार शाम एक दुखद हादसा हुआ. माही नदी के पास वसाद क्षेत्र में एक अस्थायी ढांचा गिरने से तीन मजदूरों की जान चली गई और एक मजदूर घायल हो गया. यह ढांचा स्टील और कंक्रीट के ब्लॉक्स से बना था, जिसका उपयोग वेल फाउंडेशन के काम के लिए किया जा रहा था.
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के एक अधिकारी ने बताया कि वो इस हादसे से बहुत दुखी हैं. मृतकों के परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है और हमने उन्हें 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है. हम अधिकारियों के साथ मिलकर घटना की जांच और निर्माण स्थल पर सुरक्षा को सुनिश्चित कर रहे हैं.
कंक्रीट के बॉक्स में दबकर तीन मजदूरों की मौत
NHSRCL के प्रबंध निदेशक विवेक गुप्ता ने अपने बयान में कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना उस इलाके में हुई जहां सामान्यतः मजदूरों को जाने की अनुमति नहीं थी. फिर भी चार मजदूर वहां मौजूद थे. उन्होंने कहा, इलाका बैरिकेड से घिरा हुआ था और मजदूरों को वहां जाने की जरूरत नहीं थी. क्यों वो वहां गए, इसका पता लगाने के लिए जांच की जा रही है.
NHSRCL ने जानकारी दी कि वेल सिंकिंग के लिए लगाए गए 2.5 टन के ब्लॉक्स हाई टेंसाइल स्ट्रैंड्स से बंधे थे, लेकिन स्ट्रैंड्स के टूटने से ब्लॉक्स गिर गए. घटना की तकनीकी जांच की जा रही है. पुलिस के अनुसार, मृतकों में दो मजदूर गुजरात के और एक बिहार का निवासी था.
NHSRCL ने दिए जांच के आदेश
इस परियोजना को जापान की शिंकानसेन तकनीक के साथ बनाया जा रहा है, जिसमें जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) से 88,000 करोड़ रुपये का सॉफ्ट लोन मिला है. इस परियोजना का लक्ष्य 2026 तक सूरत और बिलिमोरा के बीच पहली चरण की सेवा शुरू करना है.