गुजरात में नगर निकाय के चुनाव होने हैं. चुनाव आयोग की ओर से जारी निर्वाचन कार्यक्रम के मुताबिक पहले चरण के तहत 21 और दूसरे चरण में शामिल निकायों के लिए 28 फरवरी को मतदान होगा. सियासी दल जहां चुनावी तैयारी में जुटे हैं, वहीं फिर से ईवीएम और बैलट पेपर का मसला चर्चा में आ गया है. गुजरात हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर प्रदेश के निकाय चुनाव बैलट पेपर से कराए जाने की मांग की गई है.
गुजरात हाईकोर्ट ने इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई की. मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति एजे शास्त्री की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. इस मामले की अगली सुनवाई अब 10 फरवरी को होगी. जानकारी के मुताबिक यह जनहित याचिका इम्तियाज खान पठान ने दायर की है.
देखें: आजतक LIVE TV
पठान की ओर से दायर याचिका में यह कहा गया कि सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत राज्य निर्वाचन आयोग से चुनाव के संबंध में जानकारी मांगी गई थी. आयोग की ओर से जवाब में यह जानकारी दी गई कि राज्य के चुनाव में वीवीपैट मशीन का उपयोग नहीं किया जाता. याचिकाकर्ता के वकील केआर कोस्टी ने कहा कि वीवीपैट के बिना मतदान की स्थिति में आयोग बैलट पेपर के इस्तेमाल की घोषणा करे.
याचिकाकर्ता ने इसे लेकर 1 जनवरी 2021 को राज्य निर्वाचन आयोग को भी शिकायती पत्र भेजा था, लेकिन उसका कोई जवाब आयोग की ओर से नहीं मिला. याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से यह मांग भी की है कि राज्य चुनाव आयोग से इस मुद्दे पर स्टेटस रिपोर्ट तलब की जाए. याचिकाकर्ता ने सुब्रमण्यम स्वामी के खिलाफ जनहित याचिका मामले में केंद्रीय चुनाव आयोग के फैसले का भी हवाला दिया है.
ये भी पढ़ें