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नरेंद्र मोदी वडोदरा में 'रन फॉर यूनिटी' को दिखाई हरी झंडी, कहा- पूरे देश को जोड़ना है लक्ष्य

एकता की दौड़ यानी कि रन फॉर यूनिटी शुरू हो चुकी है. बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में इस दौड़ को हरी झंडी दिखाई. इस दौरान मोदी ने कहा कि भारत विविधता का देश है और यही देश की ताकत भी है.

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नरेंद्र मोदी
नरेंद्र मोदी

एकता की दौड़ यानी कि 'रन फॉर यूनिटी' शुरू हो चुकी है. बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में इस दौड़ को हरी झंडी दिखाई. इस दौरान मोदी ने कहा कि भारत विविधता का देश है और यही देश की ताकत भी है.

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15 दिसंबर को सरदार बल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि के मौके पर पूरे देश को जोड़ने के लिए इस दौड़ का आयोजन किया गया है. मोदी ने दौड़ को हरी झंडी दिखाने से पहले कहा, 'भारत देश विविधता के देश है और यही हमारी ताकत है. एकता के इस काम को राजनीति से जोड़कर न देखा जाए. सरदार पटेल ने पूरे देश को टूटने से बचाया था.'

उन्होंने कहा, 'देश की विविधता को एकता से जोड़े रखना होगा. और इसीलिए रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया गया है. सरदार पटेल ने 565 रियासतों को जोड़ा था. एकता के लिए जन-जन को जोड़ना होगा. गुजरात आगे बढ़ा है क्योंकि यहां एकता, सुशासन और स्वराज है.' 'रन फॉर यूनिटी' को अहमदाबाद में लाल कृष्ण आडवाणी ने हरी झंडी दिखाई.

नरेंद्र मोदी की 'लौह मैराथन'
लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति खड़ी करने के लिए मोदी की अगुवाई में लाखों लोगों की दौड़ शुरू हो चुकी है. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए हो रही इस दौड़ को नाम दिया गया है 'रन फॉर यूनिटी'. दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति के लिए हो रही इस दौड़ को भी रिकॉर्डतोड़ बनाने में मोदी ने कोई कसर नहीं छोड़ी है.

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दिग्गज नेताओं ने दिखाई हरी झंडी...
अहमदाबाद में लाल कृष्ण आडवाणी दौड़ की अगुवाई कर रहे हैं. दिल्ली में बीजेपी दफ्तर से राजनाथ सिंह और अरुण जेटली ने हरी झंडी दिखाई. इस दौड़ के बाद देश के हजारों गांवों से लोहा इकट्ठा करने की मुहिम शुरू हो जाएगी. दौड़ के लिए अर्जुन और एकलव्य सम्मान पाने वाले सभी खिलाड़ियों को बुलाया गया है. विकलांग लोगों की एक टीम भी आयोजन में शामिल है.

देश को जोड़ना है मोदी का मकसद...
मोदी की इस दौड़ के कई मायने हैं. इस आयोजन से देशभर को जोड़ने की प्लानिंग नजर आती है. गांव के किसान से भी लोहा मांग रहे हैं मोदी और फेसबुक और ट्विटर पर भी खूब सक्रिय हैं.

'रन फॉर यूनिटी' के राजनीतिक मायने...
पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनवाने का एलान कर मोदी कांग्रेस से पहले ही लोहा ले चुके हैं, लेकिन मोदी के लिए चुनौतियां अपनी पार्टी के अंदर भी कम नहीं हैं इसलिए रन फॉर यूनिटी के साथ मोदी बीजेपी को अपनी अगुवाई में दौड़ने की ट्रेनिंग दे ही रहे हैं और 2014 की रेस में आगे निकलने का रोडमैप भी तैयार कर रहे हैं. वैसे भी दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति को बनने में करीब चार साल लगने वाले हैं, लेकिन लाल किले तक पहुंचने के लिए मोदी के पास वक्त काफी कम रह गया है इसलिए अब शुरू हो गई मोदी की 'लौह मैराथन'.

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ऐसा होगा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी'....

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