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गुजरात में ब्लैक फंगस के बाद येलो फंगस का कहर, वडोदरा के SSG हॉस्पिटल में 8 मरीज भर्ती

बताया गया है कि ब्लैक फंगस की ही तरह येलो फंगस भी उन मरीजों में देखने को मिल रहा है जो कोविड से तो ठीक हो चुके हैं, लेकिन इलाज के दौरान उन्हें जरूरत से ज्यादा स्टेरॉयड दी गई थीं.

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गुजरात में ब्लैक फंगस के बाद येलो फंगस का कहर ( सांकेतिक फोटो-पीटीआई)
गुजरात में ब्लैक फंगस के बाद येलो फंगस का कहर ( सांकेतिक फोटो-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गुजरात में येलो फंगस के मामले
  • डॉक्टरों ने नहीं बताया ज्यादा घातक

गुजरात में कोरोना के मामले अब काबू में आने लगे हैं, लेकिन ब्लैक फंगस का कहर बढ़ता जा रहा है. इस समय गुजरात में ब्लैक फंगस के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए जा रहे हैं और कई मरीजों का अस्पताल में इलाज भी जारी है. अब ब्लैक फंगस के बीच गुजरात में येलो फंगस के मामले भी सामने आने लगे हैं. वडोदरा के एसएसजी अस्पताल में अभी 8 मरीजों को एडमिट किया गया है.

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बताया गया है कि ब्लैक फंगस की ही तरह येलो फंगस भी उन मरीजों में देखने को मिल रहा है जो कोविड से तो ठीक हो चुके हैं, लेकिन इलाज के दौरान उन्हें जरूरत से ज्यादा स्टेरॉयड दी गई थीं.

इस बारे में डॉ. शीतल मिस्त्री ने कहा है कि पल्मोनरी एस्परगिलोसिस इम्यूनो-कॉम्प्रोमाइज्ड रोगियों में विशेष रूप से देखा जा रहा है. लेकिन साइनस एस्परगिलोसिस दुर्लभ है. अब हम इसे उन मरीजों में देख रहे हैं जो कोविड से ठीक हो चुके हैं या उनका इलाज चल रहा है. हालांकि एस्परगिलोसिस ब्लैक फंगस के जितना घातक नहीं है, लेकिन हां ध्यान ना देने पर इंसान की जान जरूर जा सकती है.

क्लिक करें- 13 साल के बच्चे में मिला ब्लैक फंगस का पहला केस, अहमदाबाद में किया गया ऑपरेशन 


येलो फंगस पर डॉक्टरों ने क्या कहा?

वैसे इससे पहले भी दूसरे कई डॉक्टरों की तरफ से दावा किया गया है कि येलो फंगस कोई बड़ी बीमारी नहीं है और इसे ज्यादा घातक भी नहीं बताया गया है. इस बारे में AIIMS डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा था कि ये फंगस शरीर के अलग अलग हिस्सों में होता है तो रंग बदलता है.

गुलेरिया के कहने का अर्थ ये था कि ब्लैक फंगस, व्हाइट फंगस और येलो फंगस के सिर्फ रंग अलग-अलग हैं, बीमारी ये एक ही है. ऐसे में डॉक्टरों द्वारा यहीं अपील की जा रही है ब्लैक या येलो फंगस से डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन समय रहते इलाज पर जोर देना है.

देश में कोरोना के बाद ब्लैक फंगस का कहर
ब्लैक फंगस की बात करें तो इस समय देश के कई राज्यों ने इसे महामारी घोषित कर दिया है. कोरोना के मामले जरूर कम होने लगे हैं, लेकिन कई अस्पतालों में अब ब्लैक फंगस के मरीज ज्यादा देखने को मिल रहे हैं.

ऐसे में केंद्र भी अब कोरोना से ज्यादा ब्लैक फंगस पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है और पूरी कोशिश है कि इस बीमारी से बड़े स्तर पर तबाही ना मचे.
 

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