गुजरात सरकार के टूरिज्म विभाग का एड तो आपने अक्सर देखा होगा. 'कुछ दिन तो गुजारिए गुजरात में' टैग लाइन वाली एडवर्टिसमेंट में गुजरात की खूबसूरती और क्यों आपको गुजरात घूमने जाना चाहिए, इसकी झलक खूब देखने को मिलती है. कुछ साल पहले इस लिस्ट में जुड़ने वाले सरकार की और एक और सेवा की चर्चा चारों ओर थी, लेकिन इस बारे में गुजरात सरकार द्वारा विधानसभा में दी गई जानकारी थोड़ी निराश करने वाली है.
गुजरात सरकार ने विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए बताया कि अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट और नर्मदा जिले में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बीच सीप्लेन सेवा फिर से शुरू करने को लेकर किसी भी एजेंसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है. इसे लेकर सरकार ने बीते साल मई में प्रपोजल जारी किया था.
विधानसभा के मौजूदा सत्र में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए राज्य के नागरिक उड्डयन मंत्री बलवंतसिंह राजपूत ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार, अब बंद हो चुकी सेवा के लिए, दिसंबर 2023 तक 17.5 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है. न्यूज एजेंसी के मुताबिक सदन में दी गई जानकारी के अनुसार यह सेवा 80 दिनों तक चालू रही और इस दौरान करीब 2,100 लोगों ने सीप्लेन में यात्रा भी की.
प्रधानमंत्री ने शुरू की थी सेवा
बता दें कि सीप्लेन सेवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अक्टूबर 2020 में शुरू की गई थी. उस समय प्रधानमंत्री ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास से सीप्लेन विमान में सवार होकर और साबरमती रिवरफ्रंट पर उतरकर इस सेवा को शुरू किया था. इसे बाद में अप्रैल 2021 में बंद कर दी गई थी. राज्य सरकार ने इसे फिर से शुरू करने के लिए बीते साल मई में एक टेंडर भी निकाला था, लेकिन किसी भी एजेंसी ने इसमें रुचि नहीं दिखाई. राज्य के नागरिक उड्डयन मंत्री बलवंतसिंह राजपूत सरकार की इस योजना पर कांग्रेस विधायक दिनेश ठाकोर के सवाल के जवाब दे रहे थे.
क्या है भविष्य की योजना?
हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्री ने पूछे गए सवाल के जवाब में यह बात भी कही कि भविष्य में चार गंतव्यों के लिए ऐसी सेवा शुरू करने की योजना है, जिनमें स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, साबरमती रिवरफ्रंट, उत्तरी गुजरात में स्थित धरोई बांध और सौराष्ट्र का शेत्रुंजी डैम शामिल है.