गुजरात के गिर के जंगल से अक्सर शेरों के गैरकानूनी तरीके से बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया के जरिये सामने आते रहते हैं. इनमें लोग शेरों को परेशान करते नजर आते हैं. लेकिन अब शेर को परेशान करने वाले ऐसे लोगों की खैर नहीं.
दरअसल गिर के जंगल में शेरों को सुरक्षा मुहैया करवाने के लिए सरकार ने बीट गार्ड के साथ साथ शेरों की निगरानी रखने के लिए ड्रोन ओर सीसीटीवी कैमरे लगवाने का फैसला किया है.
रात के वक्त ड्रोन और सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए शेर समेत दूसरे जीवों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी. गिर के जंगल में जिम कार्बेट नेशनल पार्क की तर्ज पर ईआई प्रोजेक्ट के तहत रात के अंधेरे में भी काम कर सकने वाले सेंसेटिव कैमरे लगाए जाएंगे.
साथ ही खेती वाले इलाकों, जहां लोग शेर को मुरधी जैसी चीजें खिलाते है और गैरकानूनी तरीके से यहां आने वाले टूरिस्ट के लिए लॉयन शो करते है, उनपर भी ड्रोन से नजर रखी जाएगी.
गौरतलब है कि गिर के जंगल में पिछले दो महीने में करीब 30 शेरों की प्रोटोजुआ और केन्यन डिस्टमपर वायरस से मौत हो गई है. इसके बाद सरकार अब हरकत में आई है.
गुजरात सरकार ने शेरों की बीमारियों से जुड़े इलाज के लिए गिर में अत्याधुनिक अस्पताल बनाने का ऐलान किया है. सीएम विजय रुपाणी ने कहा कि दुनिया में गुजरात की पहचान बन चुके एशियाटिक लॉयन के लिए गिर इलाके में ही 8 अत्याधुनिक रेस्क्यू सेंटर बनाए जाएंगे. इसके लिए सरकार 85 करोड़ रुपये खर्च करेगी.
साथ ही खासतौर पर शेर और दूसरे प्राणियों को तत्काल इलाज के लिए भविष्य में एनिमल हेल्थ सर्विलेंस और 24 घंटे हेल्पलाइन ओर एंबुलेंस सर्विस भी शुरू की जाएगी.
वन्य प्राणिओं के इलाज के लिए वेटनरी कैडर बनाया जाएगा. लुप्त हो रहे वन्य प्राणियों-पक्षियों की प्रजाति को धोराड और खडमोर में स्पेशल ब्रीडिंग सेन्टर स्थापित किए जाएंगे. सरकार गिर अभ्यारण में इस पूरा प्रोजेक्ट पर 351 करोड़ खर्च करेगी.