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सोमनाथ डिमोलिशन मामला: याचिकाकर्ता को HC से झटका, अंतरिम स्टे और यथास्थिति बनाए रखने की मांग खारिज

सोमनाथ डिमोलिशन मामले की सुनवाई करते हुए गुजरात हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की अंतरिम स्टे और यथास्थिति बनाए रखने की मांग को खारिज कर दिया है. साथ ही कोर्ट ने तोड़ी गई संपत्ति के बारे में सरकार से जानकारी मांगी है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 अक्टूबर को होगी.

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गुजरात हाईकोर्ट. (फाइल फोटो)
गुजरात हाईकोर्ट. (फाइल फोटो)

गुजरात हाईकोर्ट ने सोमनाथ डिमोलिशन मामले में अंतरिम स्टे देने से इनकार कर दिया है. साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता की यथास्थिति बनाए रखने की मांग को भी खारिज कर दिया है. पर कोर्ट ने तोड़ी गई संपत्ति के बारे में सरकार से जानकारी मांगी है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 अक्टूबर को होगी.

हाईकोर्ट ने सोमनाथ विध्वंस मामले में सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता  की यशास्थिति को बनाए रखने की मांग को खारिज कर दिया और अंतरिम स्टे देने से इनकार कर दिया है.

याचिकाकर्ता ने अपने आवेदन में मांग की कि कब्जा किसी और को न दिया जाए इसके लिए स्टे जरूरी है. आवेदक ने आरोप लगाया है कि सरकार ने मनमाने ढंग से बुलडोजर चलाया है.

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सरकार ने किया यथास्थिति की मांग का विरोध

वहीं, अदालत में राज्य सरकार की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने यथास्थिति बनाए रखने की मांग का विरोध करते हुए कहा कि विध्वंस का काम पूरा हो चुका है और अब फेंसिंग का काम भी कर दिया गया है. खाली की गई जमीन पर सरकारी कंक्रीट फेंसिंग जारी रहेगी. सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर जमीन सोमनाथ ट्रस्ट की है तो उसे सोमनाथ ट्रस्ट को ही देना होगा. सरकार ने कोर्ट को ये भी बताया कि पहले भी इस संबंध में नोटिस दिए गए थे.

वहीं, अदालत ने सरकार को निर्माण के प्रकार समेत ध्वस्त किए गए सभी ढांचों का पर्याप्त विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.

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