सूरत के बोरसरा गांव में नवरात्रि की रात 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए गैंगरेप मामले में कोर्ट ने दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. साथ ही पीड़िता को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश जारी किया है. ग्रामीण पुलिस के लिए यह एक ब्लाइंड केस था, लेकिन पुलिस ने 15 दिनों में 3 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. इस दौरान 42 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया. टेक्निकल और मेडिकल सबूतों के आधार पर कोर्ट ने दो आरोपियों को अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा दी गई.
यह घटना 8 अक्टूबर 2024 की रात की है जब पीड़िता अपने दोस्त के साथ गरबा से लौट रही थी. रास्ते में बाइक में पेट्रोल खत्म हो गया और दोनों सुनसान इलाके में थे. तभी तीन आरोपियों ने उन्हें घेर लिया. पहले युवक को नग्न कर दिया और वीडियो बनाया. इसके बाद नाबालिग लड़की को पकड़कर गैंगरेप किया. युवक गांव की तरफ भागा और लोगों को जानकारी दी. गांव वालों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी.
गैंगरेप के आरोपियों को उम्रकैद
पुलिस ने रात 3 बजे डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम को बुलाकर सबूत जुटाने शुरू कर दिए. पुलिस ने 48 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इनमें से एक आरोपी शिवशंकर चौरसिया की पुलिस जांच के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. बचे दो आरोपियों मुन्ना करबलि पासवान और राम सजीवन उर्फ राजू को कोर्ट ने 20 धाराओं में दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा दी.
कोर्ट में पेश किए गए सबूतों में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सबसे महत्वपूर्ण साबित हुई. एक आरोपी ने अपने मालिक को फोन कर मामले को दबाने की कोशिश की थी, जिसकी रिकॉर्डिंग में 13 बार मुर्गे की आवाज सुनी गई.
पीड़िता को मिलेगा न्याय और सम्मान
कोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता के परिवार ने एक बड़ा सामाजिक फैसला लिया. गैंगरेप की रात साथ रहे युवक ने पीड़िता से शादी का प्रस्ताव रखा. परिवार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया. बालिग होने के बाद दोनों की शादी होगी. इस मामले पर एसपी हितेश जॉयशर ने बताया कि यह सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय भी है. इस फैसले से पीड़िता सम्मानपूर्वक जीवन जी सकेगी.