कोरोना का प्रचंड रूप देश में जारी है. हर दिन देश में साढ़े तीन लाख से अधिक मामले सामने आ रहे हैं और 35 सौ से अधिक लोग मर रहे हैं. कोरोना महामारी को नजदीक से देखने वाले और उससे लड़ने वाले हमारे कोरोना वारियर्स भी मानसिक तौर पर काफी कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं.
वड़ोदरा के एक MBBS के लास्ट ईयर के छात्र ने खुदखुशी कर ली है. पिछले कई दिनों से ये छात्र तनाव में था, इसका कारण ये है कि उसकी ड्यूटी कोविड वार्ड में लगा दी गई थी. ऐसा माना जा रहा है इसी वजह से इस छात्र ने सुसाइड का कदम उठाया है.
वड़ोदरा में MBBS की अंतिम वर्ष में पढ़ रहे सिद्धार्थ भद्रेचा नाम के स्टूडेंट ने अपने ही रूम में पंखे से लटक कर अपनी जान दे दी है. सिद्धार्थ सुसाइड के वक्त अपने कमरे में अकेला था. जब उसका रूम पार्टनर आया तो उसने सिद्धार्थ को पंखे पर लटका हुआ देखा. तुरंत ही उसने हॉस्टल के वॉर्डन को बताया. हॉस्टल वार्डन ने तुरंत ही इसकी जानकारी पुलिस को दी.
पुलिस ने मौके पर आकर छान-बीन शुरू की, जिसमें पुलिस को सिद्धार्थ के द्वारा लिखा एक सुसाइड नोट भी मिला है. जिसमें सिद्दार्थ ने लिखा है कि वो तनाव में आकर अपनी मर्जी से ये कदम उठा रहा है. सुसाइड नोट में ये भी लिखा है कि उसके मरने के बाद इस घटना की ज्यादा जांच पड़ताल न हो और उसके शरीर के अंगो का दान कर दिया जाए.
मिली जानकारी के अनुसार इस बीच सिद्धार्थ को कोरोना वार्ड में ड्यूटी भी करनी पड़ी थी, एक तरफ पढ़ने का तनाव और दूसरी ओर कोरोना का तनाव. संभवतः इसी कारण से सिद्धार्थ ने सुसाइड का कदम उठाया है. फिलहाल पुलिस जांच में जुट गई है कि आखिर क्या कारण था कि सिद्धार्थ इतने तनाव में चला गया और उसे ये कदम उठाना पड़ा.