गुजरात में इन दिनों खूब बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने गुजरात में अगले 5 दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं साइक्लोनिक सर्क्यूलेशन और ऑफसोर ट्रफ की वजह से गुजरात के अधिकतर हिस्सों में भारी तो दक्षिण गुजरात में अति भारी बारिश का अनुमान जताया गया है.
गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी है. वहीं समुद्री क्षेत्रों में हवा की गति 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है. हालांकि, गुजरात में भारी बारिश का अनुमान व्यक्त करने के बावजूद कई इलाकों में भारी बारिश नहीं होने के सवाल पर अहमदाबाद मौसम विभाग के डायरेक्टर अशोक कुमार दास ने बताया कि कच्छ में जो सिस्टम ऐक्टिव हुआ था, वह लो प्रेशर में तब्दील होने की वजह से, जितनी बारीश की उम्मीद थी वह नहीं हो पाई है. लेकिन इस बार एक साथ दो सिस्टम ऐक्टिव हैं तो उम्मीद है कि सभी जगह अच्छी बारीश होगी.
अहमदाबाद मौसम विभाग के डायरेक्टर अशोक कुमार दास ने बताया कि 11 जुलाई को गुजरात के सूरत, तापी, डांग, भरूच, नवसारी, वलसाड जिलों में रेड अलर्ट तो द्वारका, जामनगर, मोरबी, सुरेन्द्रनगर, अहमदाबाद, बोटाद, आनंद, वडोदरा, छोटाऊदेपूर में तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.
मौसम विभाग ने 12 जुलाई के दिन अमरेली, भावनगर, सूरत, तापी, डांग, नवसारी, वलसाड में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं 13 जुलाई को सूरत, नवसारी, वलसाड, दमन, दादरा और नगर हवेली में येलो अलर्ट तो 14 और 15 जुलाई को नवसारी, वलसाड, दमन, दादरा और नगर हवेली में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है.
गांधीनगर का मौसम
गुजरात की राजधानी गांधीनगर में 15 जुलाई तक मध्यम से हल्की बारिश की संभावना है. इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहेंगे. IMD के मुताबिक, इस पूरे हफ्ते गांधीनगर का अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है.
अगर 10 जुलाई तक गुजरात में हुई बारिश की बात करें तो इस सीजन में 223.37 mm बारिश दर्ज की गई है, जो औसत बारिश का 25.30% है. इस सीजन में अभी तक 40.26 लाख हेक्टर यानी 47.04% जमीन पर बुवाई की गई है. बीज की मात्रा के संबंध में सरकार की तरफ से कहा गया है कि खरीफ सीजन में धान, मक्का, बाजरा, मूंग, उड़द, तुवर, मूंगफली, तिल, दीवेला, सोयाबीन और कपास जैसी प्रमुख फसलों के लिए 13,20,240 क्विंटल बीज की आवश्यकता होती है. राज्य में आवश्यकता के सामने 15,45,065 क्विंटल मात्रा में बीज उपलब्ध है.