हिंसा, कर्फ्यू, साम्प्रदायिक तनाव और धारा 144...हरियाणा का मेवात इलाका सोमवार शाम को हुई हिंसक झड़पों के बाद तनाव का कारण बना हुआ है. स्थिति को काबू में करने के लिए अभी अर्धसैनिक बलों की 13 कंपनियां तैनात की गई हैं. 6 और कंपनियों को तैनात करने की तैयारी है. हिंसा प्रभावित इलाकों में धारा 144 लगा दी गई है.
पुलिस ने कल की हिंसा को लेकर 20 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की हैं. नूंह में कल दो पुलिसवालों समेत तीन की मौत हो गई. इस मामले में बड़ी साजिश की आशंका जताई जा रही है.
नूंह की सड़कों पर सिर्फ तबाही के राख दिख रहे हैं और जगह-जगह बर्बादी के निशान दिख रहे हैं. सोमवार (31 जुलाई) को नूंह में धार्मिक यात्रा निकली थी, तभी हिंसा भड़की. फिर उस हिंसा की चपेट में उससे 40 किमी दूर सोहना में भी वैसी ही लपटें उठने लगीं.
दोनों शहरों में उपद्रवियों का सबसे ज्यादा आतंक दिखा. फिर नूंह हिंसा का असर ये हुआ कि हरियाणा के कई शहरों में तनाव बढ़ गया. समाज के दुश्मनों ने ऐसी हिंसा की, जिसे पूरा देश देख रहा है.
अब वहां तबाही के निशान बाकी हैं. नूंह में हिंसा के बाद की सुबह की तस्वीरें गवाही दे रही हैं कि कैसे वहां दंगाइयों ने सारी हदें पार कर दीं. नूंह की हिंसा में करीब 90 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया.
दो पुलिसवालों की जान चली गई और एक आम नागरिक की भी मौत हो गई.50 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए। कई पुलिसवाले भी पथराव, आगजनी में गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं.
दो समुदायों के बीच नूंह में बवाल उस वक्त शुरू हुआ जब एक धार्मिक यात्रा निकल रही थी. उस दौरान दूसरे समुदाय के लोगों ने जबरदस्त पथराव किया, फायरिंग भी की.
कानून से बेखौफ दंगाई गाड़ियों को फूंकते रहे, दुकानों में तोड़फोड़ करते रहे, हालात ऐसे हो गए कि पुलिस के लिए उसे संभाल पाना भी मुश्किल हो गया. कुछ दंगाई पकड़े गए हैं.
भड़की हिंसा के बाद पूरे नूंह में भारी संख्या में पुलिसवालों की तैनाती कर दी गई. अब भी वो इलाके छावनी में तब्दील हैं और हालात तनावपूर्ण हैं.
अब शांति बहाली के लिए दोनों समुदायों के लोगों की बैठक हो रही हैं. अपील की जा रही है कि लोग अफवाहों पर यकीन नहीं करें. पूरे नूंह में धारा 144 लगाई जा चुकी है.
हिंसा की ये आग फैलकर गुरुग्राम तक पहुंची और वहां एक मस्जिद पर हमला कर 4-5 उपद्रवियों द्वारा इमाम की हत्या कर दी गई और एक अन्य शख्स इस हमले में बुरी तरह जख्मी हो गया.
गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी समेत कई जिलों में धारा 144 लागू कर दिया गया. हरियाणा से सटे राजस्थान के भरतपुर में भी इंटरनेट बंद कर दिया गया है और दिल्ली से सटे बॉर्डर इलाकों में भी पुलिस अलर्ट हो गई.
लेकिन घटना को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं. आखिर कैसे हरियाणा पुलिस का सुरक्षा तंत्र नाकाम हो गया? कैसे दंगाई बेखौफ होकर उत्पात मचाते रहे? कई घंटे तक हालात संभालने में पुलिसवाले क्यों नाकाम रहे?
बता दें कि हिंदू संगठनों की तरफ से तय ब्रजमंडल यात्रा जब मेवात में शिव मंदिर के सामने पहुंची, तभी यात्रा पर पथराव हो गया. इस यात्रा में बजरंग दल के कई कार्यकर्ता पहुंचे थे.
मोनू मानेसर ने पहले ही वीडियो शेयर कर यात्रा में अधिक से अधिक लोगों से पहुंचने की अपील की थी. मोनू मानेसर की अपील से नाराज नूह के स्थानीय लोगों ने जमकर आज बवाल काटा और तभी यह पथराव हुआ.