हरियाणा के यमुनानगर में H3N2 इन्फ्लूएंजा वेरिएंट के पांच संदिग्ध केस सामने आए हैं. इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है. पांचों मरीजों के सैंपल को जांच के लिए पंचकुला लैब भेजे गए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने H3N2 इन्फ्लूएंजा मरीजों के लिए विशेष आइसोलेशन वार्ड भी बना दिया है. इसके अलावा सभी जरूरी एहतियातन कदम भी उठाए जा रहे हैं.
कोविड वायरस ने देश-दुनिया को झकझोर कर रख दिया था. इसका असर अभी पूरी तरह से खत्म भी नहीं हुआ है कि अब तेजी से H3N2 इन्फ्लूएंजा वायरस अपना पैर पसारने लगा है. इसकी वजह से लोगों में दहशत फैल रही है. यमुनानगर में सामने आए इस वायरस के पांच संदिग्ध केसों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ा दी हैं.
दो दिन से अधिक खांसी रहने पर डॉक्टर से लें परामर्श
जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी मनजीत सिंह ने H3N2 इन्फ्लूएंजा के मामले में लोगों को सलाह दी है. उन्होंने बताया कि दो दिन से अधिक खांसी रहने पर डॉक्टर से परामर्श लें. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि लोग अपने आप कोई दवा न खाएं. विशेष कर एंटीबायोटिक दवा लेने से परहेज करें. सीएमओ ने यह भी कहा कि कोरोना की लहरों के गुजर जाने के बाद लोग लापरवाह हो गए हैं.
सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग करें
हालांकि, H3N2 इन्फ्लूएंजा के मामले में लोगों को पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है. स्वास्थ्य विभाग के पास सभी इंतजाम हैं. उन्होंने कम से कम दस आइसोलेशन वार्ड हर समय तैयार रखने के निर्देश जारी किए हैं. सीएमओ ने यह भी कहा कि एक बार फिर से समय आ गया है कि सभी को एकजुट होकर इस वायरस के खिलाफ सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजर का नियमित रूप से इस्तेमाल करना है. साथ ही लोगों से हाथ मिलाने से भी परहेज करने की जरूरत है.
पांच संदिग्ध मरीजों के सैंपल पंचकुला भेजें गए- मुख्य चिकित्सा अधिकारी
मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया, "हमने पांच संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए हैं और उन्हें हमारी टीम ने पंचकुला भेज दिया है. आम वायरल दो-तीन दिनों में ठीक हो जाता है. मगर, H3N2 इन्फ्लूएंजा लंबे समय तक रहता है. कुछ केसों में तो मरीज की आवाज भी दो दिन के लिए बंद हो जाती है."
डॉक्टरी सलाह के बिना नहीं लें एंटीबायोटिक- मुख्य चिकित्सा अधिकारी
मनजीत सिंह ने आगे बताया, "H3N2 इन्फ्लूएंजा मरीजों को बहुत लंबे समय तक खांसी और बुखार रहता है. हमारा कहना है कि ऐसे मरीजों को डॉक्टर से सलाह लिए बिना एंटीबायोटिक नहीं खानी चाहिए. बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से दवाइयां न खाएं. बुखार आने पर शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए अत्यधिक पानी पीएं और तरल पदार्थ ज्यादा लें."