आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद सुशील गुप्ता ने कृषि कानून के मुद्दे पर केंद्र की बीजेपी सरकार पर किसानों के खिलाफ षड़यंत्र रचने का आरोप लगाया है. सुशील गुप्ता ने आरोप में कहा है कि जब भी फसल खरीदने का समय आता है, तब हरियाणा की खट्टर सरकार किसान विरोधी रवैया अपनाती है. हरियाणा में किसान पोर्टल, ई-पेमेंट रजिस्ट्रेशन और मंडी गेट पास के नाम पर परेशान किया जा रहा है. आम आदमी पार्टी ने ऐलान किया है कि पार्टी कार्यकर्ता रविवार सुबह 11 बजे हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर का उनके करनाल स्थित आवास पर घेराव करेंगे.
केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए AAP सांसद सुशील गुप्ता ने कहा कि "केंद्र की बीजेपी सरकार ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह ही किसानों की फसल और जमीनों पर भी कब्जा कराना चाहती है. आज सत्ता पक्ष के विधायकों को अपने अधिकारियों और मंत्रियों के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ रहा है, क्योंकि वो जनता का काम नहीं कर रहे हैं? दुष्यंत चाौटाला मलाई के लालच में गठबंधन से जुड़े हैं, किसानों का उनके प्रति विश्वास टूट चुका है. अगर वो किसानों के नेता हैं, तो गठबंधन को तोड़ कर किसानों के साथ आएं"
राज्यसभा सांसद और हरियाणा आम आदमी पार्टी के सहप्रभारी सुशील गुप्ता ने कहा कि हरियाणा में पिछले छह साल से जब भी फसल का समय आता है तो सीएम मनोहर लाल खट्टर किसान विरोधी रवैया अपना लेते हैं. आज धान की फसल बेचने में किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. आज किसानों का बाजरा 850 किलो से ज्यादा नहीं खरीदा जा रहा है, जबकि एक एकड़ जमीन के अंदर लगभग 1500 से 2000 किलो बाजरा पैदा होता है.
सुशील गुप्ता ने आगे कहा कि लगातार पोर्टल, ई-पेमेंट, रजिस्ट्रेशन, मंडी के गेट पास के नाम पर और अन्य तरीकों से लगातार किसानों को परेशान किया जा रहा है. पिछले 15 दिन में किसानों को सड़क पर उतरना पड़ा तब जाकर उनकी फसल की खरीद शुरू की गई. किसानों की परेशानी को देखते हुए रविवार सुबह 11 बजे AAP कार्यकर्ता सीएम मनोहर लाल का घेराव करेंगे. पूरे प्रदेश से आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता सीएम के करनाल स्थित आवास के बाहर पहुंचेंगे. हरियाणा और पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य हैं जहां पर 70 फीसदी से ज्यादा लोग परोक्ष और अपरोक्ष रूप से कृषि से जुड़े हुए हैं.
AAP सांसद ने कहा कि पूरे देश में सिर्फ यह दोनों राज्य ही ऐसे हैं जहां पर 60 फीसदी फसल की एमएसपी किसानों को मिलती है. वहीं, अन्य राज्यों में सिर्फ छह फीसदी अनाज ही एमएसपी पर बिक पाता है. लेकिन अब केंद्र सरकार इन अध्यादेशों के माध्यम से हरियाणा और पंजाब का मंडी सिस्टम खत्म कर के इस श्रेणी के अंदर लाना चाहती है. बिहार में किसानों के पास अच्छी जमीन हैं, खेती के लिए अच्छा पानी मिलता है और अच्छी फसल भी पैदा होती है. लेकिन वहां के किसानों को अपनी फसल की एमएसपी न मिलने के कारण उनको हरियाणा और पंजाब आकर मजदूरी करनी पड़ती है. केंद्र सरकार ऐसी ही स्थिति हरियाणा और पंजाब के अंदर भी लाना चाहती है.