कांग्रेस पार्टी विपक्षी पार्टियों से कम, अपने ही नेताओं से ज्यादा परेशान इन दिनों नजर आ रही है. पंजाब कांग्रेस में जारी कलह अभी खत्म नहीं हुआ था कि अब हरियाणा में जारी अंतरकलह पार्टी हाईकमान की चिंता बढ़ाने वाला है. सोमवार को कम से कम हरियाणा के 5 विधायकों के एक दल ने कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की. यह मुलाकात हुड्डा कैंप और कुमारी शैलजा कैंप के नेताओं के बीच जारी खींचतान की वजह से हुई है, ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं.
कांग्रेस के इस दल की मांग है कि पार्टी आलाकमान राज्य में जिला कांग्रेस समितियों में नियुक्तियों के संबंध में कोई भी निर्णय लेने से पहले उनके विचारों पर जरूर गौर करे. विधायकों की यह टीम हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की बेहद करीबी है. हरियाणा में संगठनात्मक परिवर्तन और नई नियुक्तियों के साथ, प्रमुख पदों के लिए लॉबिंग अब स्टेट कांग्रेस में शुरू हो गई है. सबकी मांग है कि अपनों को पार्टी के वरिष्ठ पदों पर जगह मिले.
केसी वेणुगोपाल से कुलदीप वत्स, वरुण चौधरी, बीएल सैनी, डॉ रघुबीर कादयान और बीबी बत्रा ने मुलाकात की है. पार्टी मुख्यालय और केसी वेणुगोपाल से मुलाकात में इन नेताओं ने जिलों और ब्लॉक स्तर पर संभावित नियुक्तियों पर अपनी चिंताएं जाहिर कीं और अपनी महत्वाकांक्षाओं के बारे में भी बताया.
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हरियाणा में भी शीर्ष नेतृत्व की गुटबाजी!
विधायकों की दिग्गज नेतृत्व से मुलाकात दरअसल भूपेंद्र हुड्डा कैंप और कुमारी शैलजा कैंप के बीच जारी खींचतान का नतीजा है. यह माना जा रहा है कि विधायकों ने पार्टी नेतृत्व को सूचित कर दिया है कि कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पहले उनसे सलाह जरूर ली जाए. आजतक को मिली जानकारी के मुताबिक हुड्डा खेमा इस बात से चिंतित है कि राज्य इकाई की प्रमुख कुमारी शैलजा समर्थक अधिकांश प्रमुख पदों को पा सकते हैं.
विधायकों की सलाह जरूर ले केंद्रीय नेतृत्व!
पत्रकारों से बात करते हुए, विधायक कुलदीप वत्स ने कहा, 'हमने केसी वेणुगोपाल के समक्ष अपनी मांगों को व्यक्त किया है. उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि डीसीसी या पीसीसी पदों पर निर्णय लेते वक्त विधायकों की अनदेखी नहीं की जाएगी, और उन सभी को विश्वास में लिया जाएगा.'
राज्य में प्रदेश अध्यक्ष के बदलाव के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह पार्टी आलाकमान की ओर से तय किया जाएगा. हमने अपने विचार जाहिर किए हैं, लेकिन हरियाणा कांग्रेस के भीतर कोई संकट नहीं है. हम चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे.
कुलदीप वत्स ने कांग्रेस पार्टी के पास बेहतरीन संगठनात्मक ढांचा न होने की बात भी मानी. उन्होंने कहा कि पार्टी में कुछ कमी थी. विधायक बीबी बत्रा ने कहा, 'डीसीसी, प्रखंड और पीसीसी में फेरबदल विधायकों से सलाह मशविरा कर किया जाए.'
विधायकों ने खींचतान से किया इनकार!
हालांकि विधायकों ने कुमारी शैलजा के साथ किसी भी अनबन से इनकार किया. विधायकों ने यह भी कहा कि यह एक ऐसा मामला है जिस पर पार्टी आलाकमान कार्रवाई करेगा. इसमें हमारी कोई भूमिका नहीं है. लेकिन नियुक्तियों को लेकर मुलाकात साफ जाहिर कर रही है कि हरियाणा कांग्रेस में भी स्थितियां सामान्य नहीं हैं.