हरियाणा के सीएम मनोहर लाल और गृहमंत्री अनिल विज को सिरसा के एक व्यक्ति ने जान से मारने की धमकी दी है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की. इसके बाद आरोपी को देर रात पुलिस ने उसके घर से गिरफ्तार कर लिया. शुक्रवार दोपहर बाद उसे ऐलनाबाद की कोर्ट में पेश किया.
धमकी देने वाला व्यक्ति सिरसा जिला के ऐलनाबाद का रहने वाला है. आरोपी की पहचान एडवोकेट जरनैल बराड़ के रूप में हुई है. आरोपी कोर्ट में पेश होने से पहले मीडिया से रूबरू हुआ. आरोपी एडवोकेट जरनैल सिंह ने खनोरी बॉर्डर पर गोली लगने से मारे गए किसान की मौत की घटना को दुखद बताया.
आरोपी ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और गृह मंत्री अनिल विज अपना लाय डिटेक्ट टेस्ट करवाकर यह साबित करें कि उन्होंने पुलिस को गोली चलाने का आदेश दिया था या नहीं. अगर वो अपना टेस्ट नहीं करवाते है, तो मैं उनकी हत्या करने पर मजबूर हो जाऊंगा. ऐलनाबाद के तलवाड़ा के रहने वाले एडवोकेट जरनैल बराड़ ने यह मैजेस कई स्थानीय पत्रकारों के वाट्सप ग्रुप में भेजा था. इस पर पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया आज उन्हें कोर्ट में पेश किया.
आपके झूठे वादे बर्दाश्त, लोकतंत्र पर हमला बर्दाश्त नहीं- एडवोकेट
मैसेज में आरोपी ने कहा कि आप दोनों एक महीने के अंदर-अंदर करवाओ अपना अपना लाय डिटेक्ट टेस्ट कि किसान आंदोलन में मारे गए किसान सुबकरन पर गोलियां आपके आदेश के बिना चली हैं. यदि एक महीने में आप ऐसा नहीं करते, तो मैं आपकी हत्या करने को मजबूर रहूंगा.
किसान आंदोलन पर गोलियां चलाना कायरता और भारत की एकता, अखंडता, लोकतंत्र पर सीधा हमला है. आपका झूठ, झूठे वायदे कुछ भी बर्दाश्त किया जा सकता है. भारत की एकता, अखंडता और लोकतंत्र पर हमला कभी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.
सत्ता के लिए देश को फिर से टुकड़े-टुकड़े होने की ओर धकेल रहे
भारत उपमहाद्वीप में छोटे छोटे देशों के समूह को एक देश बनाने के लिए लाखों-करोड़ों कुर्बानियां दी गई हैं. आप सिर्फ अपनी कुछ समय की सत्ता बनाए रखने के लिए इस देश को फिर से टुकड़े-टुकड़े होने की ओर धकेल रहे हैं. मैं गुरु फरीद, गुरु कबीर, गुरु रविदास, गुरु नामदेव, गुरु नानक का पुत्र आपको ऐसा नहीं करने दूंगा.
इसके लिए चाहे मुझे कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े. यदि आप दोनों ने एक महीने के अंदर-अंदर किसान आंदोलन में शहीद सुबकरन सिंह पर चलने वाली गोलियों के लिए अपना लाय डिटेक्ट टेस्ट नहीं करवाया, तो मैं देश की एकता, अखंडता, लोकतंत्र, न्याय और सच की रक्षा के लिए आप दोनों की हत्या करने को मजबूर रहूंगा. क्योंकि गोलियां मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के आदेश के बिना कभी नहीं चलाईं जाती.
किसान सुबकरन की हत्या, लोकतंत्र की हत्या है
मैं गुरु अर्जुन देव, गुरु तेग बहादुर, महात्मा गांधी की अहिंसावादी विचारधारा का कट्टर अनुयाई हूं. यदि देश की एकता, अखंडता, लोकतंत्र खतरे में हो, तो मैं गुरु गोबिंद सिंह, महाराणा प्रताप, शिवाजी मराठा, सुभाष चंद्र बोस, भगतसिंह, उधम सिंह और चंद्रशेखर आजाद से भी ज्यादा दूर नहीं हूं.
मैं किसान आंदोलन के दौरान गोलियां चलाने और सुबकरन की हत्या लोकतंत्र की हत्या मानता हूं. आंदोलन करना, विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का और लोकतंत्र का मूल आधार है. आम लोगों पर गोलियां चलाने का अधिकार सिर्फ तभी है, जब आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को बहुत बड़ा खतरा हो. मगर, किसान आंदोलन में ऐसा कोई खतरा नहीं था.
लोकतंत्र में प्रदर्शन करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है. इसलिए सबसे पहला लोकतंत्र पर हमला आंदोलनकारी किसानों को हरियाणा की सीमा पर रोकना है. ट्रैक्टरों को रोकना दूसरा हमला है. गोलियां और आंसू गैस चलाना तीसरा बड़ा हमला है. फिलहाल इस मामले में पुलिस कोई भी बयान देने से बचती नजर आ रही है.