हिन्दू महासभा ने एक तुगलकी फरमान जारी करते हुए लड़कियों के जींस, स्कर्ट पहनने और मोबाईल रखने पर बंदिश लगा दी है. हिसार में हिन्दू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रमेश पानू की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया.
चर्चा के दौरान लड़कियों को ही रेप का दोषी ठहराया गया. दलील पेश की गई कि लड़कियां 'भड़काऊ' कपड़े पहनती हैं जिसकी वजह से लड़के उनकी ओर आकर्षित होते हैं. वहीं, मोबाइल पर प्रतिबंध के पीछे तर्क यह दिया गया है कि लड़कियां मोबाइल से लड़कों को बुलाती हैं.
सतरोल खाप की पहली महिला प्रधान सुदेश चौधरी ने हिन्दू महासभा के इस बेतुके फरमान पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा, 'लड़कियों के कपड़ों के कारण रेप नहीं होते बल्कि उन लोगों की गंदी सोच के कारण रेप होते हैं. इसलिए लड़कियों पर किसी तरह की पाबंदी सहन नहीं की जाएगी'. चौधरी ने कहा, कि इसके लिए अगर जरूरत पड़ी तो वह आंदोलन करने से भी पीछे नही हटेंगी और ऐसे फरमान जारी करने वालों का सामाजिक बहिष्कार किया जायेगा. सुदेश चौधरी जल्दी ही हरयाणा के सीएम मनोहरलाल खट्टर से मिलकर मामले में हस्तक्षेप की मांग करेंगी.