हरियाणा की चंडीगढ़ पुलिस ने एक फर्जी जज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोप है कि एसयूवी चालक ने खुद को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (जेएमआईसी) बताया. इसके बाद उसने ट्रैफिक उल्लंघन को लेकर पुलिस से बहस की.
चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर 49 सीएचडी थाने में एएसआई ट्रैफिक विंग सेक्टर 29 अरिजीत सिंह की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 170 (लोक सेवक का रूप धारण करना), 186 (लोक सेवक के सार्वजनिक कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालना) और 419 (रूप धारण करके धोखाधड़ी करना) के तहत एफआईआर दर्ज की है.
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'रेड लाइट का उल्लंघन और नंबर प्लेट से छेड़छाड़'
आरोपी की पहचान सेक्टर 51 में रहने वाले वकील प्रकाश सिंह मारवाह के रूप में हुई है. आरोपी के खिलाफ रेड लाइट का उल्लंघन करने और नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने का चालान भी काटा गया है. घटना 18 मई की है, जब प्रकाश मारवाह एसयूवी से उतरकर पुलिस से बहस करने लगा और पुलिस से चालान घर भेजने की बात कहकर चला गया.
'आरोपी का एक और वीडियो आया सामने'
पुलिस ने एफआईआर में उल्लेख किया है कि मारवाह ने जेएमआईसी बनकर सरकारी काम में बाधा डाली. एफआईआर में कहा गया है कि प्रकाश मारवाह का एक और वीडियो सामने आया है, जब 18 मई को चंडीगढ़ के सेक्टर-45/46/49/50 लाइट प्वाइंट पर ट्रैफिक स्टाफ ने उन्हें चेकिंग के लिए रोका था. ॉ
'पुराने वीडियो को लेकर नही हुई कार्रवाई'
बता दें कि सफेद स्कॉर्पियो के मालिक और अपराधी प्रकाश मारवाह का पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इस वीडियो में वह जज का स्टिकर लगी कार में सवार होकर युवकों से बहस करते नजर आ रहा है. हालांकि, पुलिस ने इस मामले में ट्रैफिक उल्लंघन के लिए मारवाह के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है.