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'कानून के मुताबिक मिली पैरोल', राम रहीम के पैरोल विवाद पर बोले हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री

हरियाणा के पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा कि राम रहीम को नियमानुसार पैरोल दी गई है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है. पैरोल पाना हर कैदी का अधिकार है. बता दें कि बार-बार पैरोल दिए जाने को लेकर हरियाणा सरकार सिख संगठनों और विपक्षी दलों के सीधे निशाने पर आ गई है.

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हरियाणा के पूर्व सीएम बीएस हुड्डा (फाइल फोटो)
हरियाणा के पूर्व सीएम बीएस हुड्डा (फाइल फोटो)

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम 40 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आए हैं. राम रहीम को बार-बार मिलने वाली पैरोल की वजह से विवाद शुरू हो गया है. वहीं अब हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसका बचाव करते हुए कहा कि उन्हें नियमों के अनुसार पैरोल दी गई है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है.

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हुड्डा ने कहा कि राम रहीम को नियमानुसार पैरोल दी गई है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है. पैरोल पाना हर कैदी का अधिकार है. बता दें कि बार-बार पैरोल दिए जाने को लेकर हरियाणा सरकार सिख संगठनों और विपक्षी दलों के सीधे निशाने पर आ गई है. 40 दिनों के पैरोल के दौरान डेरा प्रमुख राम रहीम के 25 जनवरी को शाह सतनाम के बरसी समारोह में हिस्सा लेने की संभावना है. 

उम्रकैद की सजा काट रहा है राम रहीम  

दरअसल, अपनी दो शिष्याओं के साथ रेप के आरोप में 20 साल और हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे राम रहीम को शुक्रवार को 40 दिन की पैरोल मिली थी. इससे पहले अक्टूबर में भी उसे 40 दिन की पैरोल दी गई थी. जो 25 नवंबर को ही खत्म हुई थी. जिसके मुताबिक 56 दिन बाद एक बार फिर उसे पैरोल मिल गई है. 14 महीनों पर चौथी बार उसे पैरोल मिली है.  

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2017 में कोर्ट ने दिया था दोषी करार  

राम रहीम सिरसा स्थित अपने आश्रम में दो महिला अनुयायियों से बलात्कार के मामले में 20 साल की कैद की सजा काट रहा है. राम रहीम को पंचकूला की एक विशेष सीबीआई अदालत ने अगस्त 2017 में मामले में दोषी करार दिया था. इसके अलावा गुरमीत राम रहीम को पूर्व डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में भी कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी. 

संदीप सिंह की जांच की मांग: हुड्डा

हुड्डा ने हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह के यौन उत्पीड़न मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के वर्तमान न्यायधीश या केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को मामले की जांच करनी चाहिए. चंडीगढ़ पुलिस ने पूर्व ओलंपियन संदीप के खिलाफ पीछा करने, अवैध रूप से बंधक बनाने, यौन उत्पीड़न और आपराधिक धमकी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी. पुलिस ने आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. 

 

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