डेटिंग ऐप्स के जरिए लोगों को हनीट्रैप में फंसाने वाले गिरोह के साथ मिलीभगत के आरोप में एक महिला पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है. पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी. यह मामला फर्रुखनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था. पुलिस ने पहले गिरोह की सरगना बिनीता कुमारी और उसके सहयोगी एनजीओ संचालक महेश फोगाट को गिरफ्तार किया था.
पुलिस का कहना है कि बिनीता ने टिंडर जैसे ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स के जरिए पुरुषों को फंसाती थी. इसके बाद उन पुरुषों से होटल में मिलने की बात कहती थी. पुलिस का कहना है कि जब कोई पुरुष बिनीता की बातों में आकर होटल में उससे मिलने पहुंच जाता था, तो वह उन पर रेप का आरोप लगा देती थी. इसके बाद वह तुरंत पुलिस को मौके पर बुला लेती थी.
50 हजार की वसूली करते किया था गिरफ्तार
इस पूरे मामले की जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने बिनीता और महेश को एक पीड़ित से 50,000 रुपये की जबरन वसूली लेते समय गिरफ्तार कर लिया था. दोनों पर फर्रुखनगर थाने में दो मामले दर्ज थे. एसआईटी ने उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लिया था. एसआईटी ने गिरफ्तारी के समय उनके पास से मिले 2.15 लाख रुपये भी जब्त किए थे.
पीड़ित ने महिला एएसआई पर लगाए थे ये आरोप
जांच के दौरान पीड़ितों में से एक ने सहायक उप-निरीक्षक मुनेश देवी पर दो आरोपियों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया. पीड़ित ने कहा कि 14 मई को फर्रुखनगर के एक होटल में बिनीता से मिलने के बाद मुनेश देवी ने फोन किया और कहा कि उनके खिलाफ शिकायत है. बाद में बिनीता के साथ समझौता करने के लिए कहा. इसके बाद मुनेश देवी के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए एसीपी पटौदी की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था.
क्या बोले एसआईटी प्रमुख?
एसआईटी प्रमुख एसीपी हरेंद्र सिंह ने कहा कि एएसआई के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है. आरोपी और महिला एएसआई मुनेश देवी की कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन के आधार पर मामले में उनकी भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर गुरुवार को निलंबित कर दिया गया.
(एजेंसी)