हरियाणा के बल्लभगढ़ में निकिता मर्डर केस को लेकर बवाल बढ़ता ही जा रहा है. इस घटना को लेकर हुई महापंचायत के दौरान हुए बवाल को लेकर अब पुलिस एक्शन मोड में आ गई है. इसे लेकर बल्लभगढ़ के डीसीपी सुमेर सिंह यादव ने कहा कि कानून एवं शांति व्यवस्था को बिगाड़ने वालों के साथ पुलिस सख्ती से निपटेगी. इस तरह की अराजकता शहर में बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
पुलिस विभाग की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि उपद्रवियों के खिलाफ सख्त एक्शन होगा. पुलिस ने घटना को लेकर कहा है कि सर्व बिरादरी संगठन की तरफ से दशहरा ग्राउंड में पंचायत चल रही थी. इस भीड़ में से कुछ असामाजिक तत्व हाईवे की तरफ चल दिए. इनमें से करीब 200 असामाजिक तत्वों ने दुकानों पर पथराव किया और हाईवे को जाम करने की कोशिश कर रहे थे.
पुलिस के मुताबिक जब असामाजिक तत्वों को रोकना चाहा तो पुलिस पर भी पथराव किया गया. इस पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया. पुलिस ने मौके से करीब 30 असामाजिक तत्वों को पकड़ा है. पत्थरबाजी में शामिल रहे अन्य असामाजिक तत्वों को चिह्नित किया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक फरीदाबाद का माहौल खराब करने के आरोप में जिन लोगों को पकड़ा गया है, उनमें से दो नोएडा, दो गाजियाबाद, दिल्ली, पलवल और गौतमबुद्धनगर से तीन-तीन, गुरुग्राम का एक और मेवात के दो उपद्रवी हैं.
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्हें किसने भेजा था. फरीदाबाद पुलिस ने निकिता मर्डर केस के दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का वादा करते हुए फरीदाबाद के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. गौरतलब है कि निकिता मर्डर केस के आरोपियों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर करीब 200 प्रदर्शनकारियों ने दुकानों पर पथराव किए और राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) जाम करने की कोशिश की गई. आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर भी पथराव किए. हालात काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा.
पथराव में 10 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे. बता दें कि निकिता मर्डर केस की जांच के लिए पुलिस कमिश्नर ने एसआईटी गठित कर दिया है. पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.