हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल गोयल कांडा को बड़ी राहत मिली है. सत्र अदालत ने गोपाल गोयल कांडा और सह आरोपी अरुणा चड्ढा के खिलाफ अनुराधा शर्मा की मौत के मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों को रद्द कर दिया. हालांकि, गीतिका की आत्महत्या, उत्पीड़न और यौन शोषण के आरोप में कांडा और चड्ढा को आरोपी बनाया गया है.
अदालत ने माना है कि गीतिका की मां की आत्महत्या के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है, जो उनकी बेटी की मौत के छह महीने बाद हुई थी. कोर्ट ने कहा कि गोपाल कांडा और अरुणा चड्ढा, अनुराधा शर्मा की मौत की तारीख और समय से छह महीने पहले हिरासत में थे और इस घटना के लगभग एक साल बाद जमानत पर रिहा हुए.
अदालत ने कहा कि संपूर्ण रिकॉर्ड फ़ाइल में याचिकाकर्ताओं या किसी व्यक्ति की ओर से किसी भी खतरे के संबंध में एक भी शिकायत या रिपोर्ट नहीं है. यहां तक कि मृतक के सीडीआर से, कुछ भी नहीं पाया गया है कि उसे याचिकाकर्ताओं (गोपाल कांडा और अरुणा चड्ढा) या किसी व्यक्ति द्वारा धमकी दी गई थी.
दरअसल अनुराधा शर्मा की बेटी गीतिका शर्मा, हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल गोयल कांडा की एमडीएलआर एयरलाइंस में एयरहोस्टेस थी. उसने साल 2012 में आत्महत्या कर ली थी. अपने सुसाइड नोट में एयरहोस्टेस ने गोपाल कांडा और उनके सहयोगी अरुणा चड्ढा का नाम लिखा था. गीतिका की मां अनुराधा शर्मा ने छह महीने बाद आत्महत्या कर ली थी.
अनुराधा शर्मा ने अपने सुसाइड नोट में गोपाल गोयल कांडा और अरुणा चड्ढा का नाम लिखा था. सुसाइड नोट में लिखा था कि कांडा और अरुणा चड्ढा की तरफ से उन्हें धमकाया जा रहा था. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसमें कहा गया था कि जब अनुराधा शर्मा ने आत्महत्या की थी उस समय आरोपी हिरासत में थे.