यौन शोषण मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने एक बार फिर पैरोल की अर्ज़ी लगाई है. गुरमीत राम रहीम ने इस बार 21 दिनों के लिए इमरजेंसी पैरोल की अर्जी लगाई है, लेकिन इस अर्जी पर विवाद हो गया है.
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने राज्य सरकार से अपील की है कि राम रहीम को पैरोल ना दी जाए. मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष संत बलजीत सिंह दादूवाल का कहना है कि गुरमीत राम रहीम को पैरोल देना खतरे से खाली नहीं होगा.
उन्होंने कहा कि राम रहीम जैसे खतरनाक अपराधी जिसपर इतने संगीन मामले दर्ज हैं और जुर्म साबित भी हो चुके है, अगर ऐसे खतरनाक अपराधी को पैरोल दी जाती है तो वो खतरे से खाली नहीं है. संत बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि हरियाणा सरकार को चाहिए कि ऐसे खतरनाक अपराधी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी पेरोल को रोकना चाहिए.
आपको बता दें कि हाल ही में गुरमीत राम रहीम की तबीयत कुछ बिगड़ गई थी, जिसके बाद उसे रोहतक PGI में भर्ती कराया गया था. यहां पर सुरक्षा को बढ़ाया गया है, साथ ही उसके लिए स्पेशल वार्ड में इलाज की व्यवस्था की गई है.
रोहतक की जिस सुनारिया जेल में गुरमीत राम रहीम बंद है, वहां पर कई कैदियों को कोरोना हुआ था. ऐसे में जब राम रहीम की तबीयत कुछ खराब हुई तो कोरोना होने की आशंका जताई गई, ऐसे में एहतियात के तौर पर अस्पताल में भर्ती किया गया है.
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम, साल 2017 से ही जेल में बंद हैं. राम रहीम को यौन शोष, पत्रकार की हत्या के मामले में सजा सुनाई गई थी. अब से कई बार पहले भी राम रहीम पैरोल की अर्ज़ियां लगा चुका है, लेकिन सफल नहीं हो पाया.