हरियाणा के बहादुरगढ़ में INLD प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी की हुई हत्या के तार विदेश से भी जुड़े हो सकते हैं. हरियाणा पुलिस को शक है कि विदेश में बैठे मोस्ट वांटेड गैंगस्टर के शूटर और गुर्गे नफे सिंह की हत्या में शामिल हो सकते हैं.
UK में बैठे मोस्ट वांटेड गैंगस्टर ने कुछ महीने पहले दिल्ली में बीजेपी नेता की हत्या करवाई थी. हरियाणा पुलिस इस मोस्ट वांटेड गैंगस्टर के करीबी से तिहाड़ जेल में पूछताछ करेगी.
हरियाणा पुलिस ने राज्य के टॉप मोस्ट गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी से तिहाड़ जेल में पूछताछ की, संदीप उर्फ काला जठेड़ी ने नफे सिंह की हत्या में अपना हाथ होने से साफ इंकार कर दिया. बता दें कि जठेड़ी गोल्डी बराड़ गैंग का करीबी माना जाता है.
हत्या के विदेश से जुड़े हो सकते हैं तार
हरियाणा पुलिस को ऐसे सबूत मिल रहे हैं जिसके बाद पूरा शक विदेश में बैठे मोस्ट वांटेड गैंगस्टर के शूटरों और गुर्गों पर जा रहा है. नफे सिंह को लेकर राज्य में राजनीति गर्माने के बाद गृह मंत्री अनिल विज ने सोमवार को विधानसभा में कहा था कि सरकार इस हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने के लिए भी तैयार है. इसके बाद ये केस सीबीआई के हवाले कर दिया गया है.
नफे सिंह की हत्या के मामले में तीन और लोगों के नाम एफआईआर में जोड़े गए हैं. इनमें दो लोग एक राजनीतिक पार्टी से संबंध रखते हैं. इनके नाम वीरेंद्र राठी, संदीप राठी और राजपाल शर्मा हैं
मर्डर केस की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है. इसकी जानकारी देते हुए डीसी शक्ति सिंह और एसपी अर्पित जैन ने कहा कि इस केस को सुलझाने के लिए पुलिस की पांच टीमों को गठित किया गया है. दो लोगों को हिरासत में भी लिया गया है. उनसे पूछताछ की जा रही है. इसके साथ ही कुछ संदिग्धों की भी पहचान हुई है.
रेलवे क्रासिंग के पास हुई थी नफे सिंह की हत्या
बता दें कि नफे सिंह पर रविवार की शाम उस वक्त हमला किया गया था जब वो एक व्यक्ति के शोक सभा से वापस लौट रहे थे. उसी दौरान जब उनकी फॉर्च्यूनर कार रेलवे क्रासिंग पर रुकी तो आई10 कार से आए हमलावरों ने पीछे से उनकी फॉर्च्यूनर कार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी. नफे सिंह पर जब यह हमला हुआ उस वक्त उनकी गाड़ी में कुल पांच लोग सवार थे.
नफे सिंह ड्राइवर के साथ आगे वाली सीट पर बैठे थे जबकि उनके तीन गनमैन पीछे की सीट पर बैठे थे. हमले में नफे सिंह और उनके एक सुरक्षा गार्ड को कई गोलियां लगी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. पुलिस ने जब इस मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि हमले में जिस गाड़ी का इस्तेमाल किया गया था उसका नंबर फर्जी था, वहीं ये गाड़ी फरीदाबाद के किसी शख्स की है.