सोनीपत में साइबर ठगों ने मनी लॉड्रिंग केस का डर दिखाकर रिटायर्ड अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट करके 1 करोड़ 78 लाख रुपए ठग लिए. रिटायर्ड अधिकारी और उनकी पत्नी को जब तक डिजिटल अरेस्ट का पता लगता, तब तक अकाउंट खाली हो चुका था. इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया गया और जांच भी शुरू कर दी है.
मिली जानकारी के अनुसार सोनीपत के रहने वाले रिटायर्ड अधिकारी ने बताया कि बीती 6 नवंबर को उनके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने कहा कि आपका नाम अशोक गुप्ता है. जब गुप्ता ने नाम बताया तो कॉल करने वाले ने कहा कि आपका नाम मनी लॉड्रिंग केस में है. जिसके बाद साइबर शातिरों ने मोबाइल पर अरेस्ट वारंट की एक कॉपी भेजी.
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हालांकि, जब रिटायर्ड अधिकारी ने कहा कि वह बाहर हैं और 11 नवंबर को सोनीपत आएंगे. इस पर शातिरों ने 12 नवंबर को दोबारा कॉल किया और फिर अरेस्ट वारंट भेजा. इस दौरान फोन करने वाले ने धमका कर उनकी और फैमिली की डिटेल मांगी. अधिकारी के अनुसार 14 से 20 नवंबर तक कई बैंक खातों में एक करोड़ 78 लाख 55 हजार रुपए ट्रांसफर किए.
वहीं, 16 नवंबर के बाद फिर व्हाट्सएप पर कॉल आया और खाते की डिटेल मांगी गई. जबकि 17 नवंबर को घर छोड़ने की बात कही गई. इस पर रिटायर्ड अधिकारी और उनकी पत्नी एक होटल में चले गए. इस दौरान शातिर ठगों ने होटल में मोबाइल का कैमरा भी ऑन रखवाया और रुपए ठग लिए.
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साइबर थाना प्रभारी बसंत कुमार ने बताया कि उन्हें मंगलवार को ही शिकायत मिली है कि एक रिटायर्ड अधिकारी से साइबर ठगों ने एक करोड़ 78 लाख 55 हजार की ठगी की है. रिटायर्ड अधिकारी के मोबाइल पर फर्जी कागजात भेजकर यह है ठगी की गई है. मनी लॉड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाकर पीड़िता और उनकी पत्नी को एक होटल में भी रखा गया था. पूरे मामले में जांच की जा रही है. जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
(इनपुट- पवन कुमार)