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JBT Teachers Scam: टीचर्स भर्ती घोटाले में 10 साल की सजा काटकर तिहाड़ जेल से रिहा हुए अजय चौटाला

JBT Teachers Scam में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला, उनके बड़े बेटे अजय चौटाला और आईएएस अधिकारी संजीव कुमार सहित 53 अन्य लोगों को सला 2000 में दोषी ठहराया गया था.

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अजय चौटाला (File Photo)
अजय चौटाला (File Photo)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कुछ समय पहले ही रिहा हुए थे ओम प्रकाश चौटाला
  • 10 साल की सजा में ली 2 साल 7 महीने की पैरोल

जेबीटी (जूनियर बेसिक ट्रेनिंग) टीचर भर्ती घोटाले (JBT Teachers Scam) मामले में 10 साल से तिहाड़ जेल में बंद हरियाणा के पूर्व सांसद और जननायक जनता पार्टी के अध्यक्ष अजय चौटाला रिहा हो गए हैं. जेल अधिकारियों ने बताया कि चौटाला की सजा पूरी हो चुकी थी, इसलिए उन्हें गुरुवार को औपचारिक तौर पर रिहा कर दिया गया.

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चौटाला को सीबीआई की विशेष अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई थी. इसके बाद वे 16 जनवरी 2013 को जेल चले गए थे. कैद के दौरान उन्होंने 2 साल 7 महीने और 24 दिनों की पैरोल ली थी. जेल के एक अधिकारी ने बताया कि वह 14 मई 2021 से आपातकालीन पैरोल पर बाहर आए थे. उन्होंने गुरुवार को तिहाड़ जेल में इसकी सूचना दी और जुर्माना राशि जमा कर दी. इसके बाद उन्हें औपचारिक रूप से रिहा कर दिया गया.

53 लोगों को ठहराया गया था दोषी

इस मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला, उनके बड़े बेटे अजय चौटाला और आईएएस अधिकारी संजीव कुमार सहित 53 अन्य लोगों को सला 2000 में दोषी ठहराया गया था. सभी को 3 हजार 206 जूनियर बेसिक शिक्षकों की अवैध भर्ती के मामले में दोषी ठहराया गया था. सीबीआई कोर्ट ने सभी को अलग-अलग जेल की सजा सुनाई गई थी. ओम प्रकाश चौटाला पिछले साल ही तिहाड़ जेल से रिहा हुए हैं.

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जून 2021 में रिहा हुए थे ओपी चौटाला

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला (Om Prakash Chautala) 23 जून 2021 को रिहा हुए थे. इससे पहले इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) प्रमुख ओपी चौटाला ने हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की थी. याचिका में ओपी चौटाला ने कहा था कि उनकी सजा पूरी होने के बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा है. दरअसल, ये कंफ्यूजन स्पेशल छूट को लेकर था. चौटाला के वकील अमित सहनी की तरफ से कहा गया था कि दिल्ली सरकार की तरफ से ऐसे कैदियों को 6 महीने की विशेष छूट मिलती है, जिनको 10 साल की सजा मिली हो और उन्होंने उसमें से 9 साल और 6 महीने की कस्टडी पूरी कर ली हो.

 

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