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कौन हैं आशीष तायल जिनकी CM सैनी से दोस्ती पर भड़के अनिल विज... हरियाणा सरकार में लड़ाई की पूरी कहानी

अनिल विज ने 31 जनवरी को दावा किया कि सार्वजनिक रूप से मामला उठाने के बावजूद उनके विरोधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने कहा, '...चूंकि मैं सबसे वरिष्ठ नेता हूं और मैं कह रहा हूं कि मुझे हराने की कोशिश की गई, इसलिए तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए थी... लेकिन 100 दिन बाद भी कुछ नहीं किया गया.' इतना कहने के बाद विज ने सैनी पर तंज भी कसा था.

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हरियाणा सरकार में लड़ाई की पूरी कहानी
हरियाणा सरकार में लड़ाई की पूरी कहानी

हरियाणा में राजनीति में सब कुछ ठीक नहीं है. दरअसल हरियाणा सरकार में परिवहन मंत्री अनिल विज आजकल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से खफा चल रहे हैं. बीते दिनों उन्होंने एक ट्वीट कर दिया जिससे बवाल मच गया. इस ट्वीट में इस्तेमाल किए गए वीडियो पर लिखा था 'गद्दार, गद्दार, गद्दार'. अनिल विज ने लिखा कि सीएम सैनी के दोस्त के साथ जो कार्यकर्ता नजर आ रहे हैं वहीं लोग बीजेपी विरोधी उम्मीदवार चित्रा सरवारा के साथ भी दिख रहे हैं. तो 'ये रिश्ता क्या कहलाता है'. इन सब में एक नाम निकलकर आया है आशीष तायल का. आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है, अनिल विज क्यों नाराज हैं और ये आशीष तायल कौन है?

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अनिल विज ने सोमवार को एक्स पर कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिसमें उन्होंने दावा किया गया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के एक 'दोस्त' के साथ देखे गए 'कार्यकर्ताओं' को एक निर्दलीय उम्मीदवार के साथ भी देखा गया, जिसे उन्होंने पिछले साल विधानसभा चुनावों में हराया था. कुछ दिन पहले, ऊर्जा और परिवहन मंत्री विज ने दावा किया था कि पिछले अक्टूबर में उन्हें अंबाला कैंट सीट से चुनाव हराने के लिए साजिश रची गई थी. विज ने अंबाला कैंट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार चित्रा सरवारा को हराकर जीत हासिल की और सातवीं बार विधायक बने.

क्या बोले अनिल विज?

अनिल विज ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'आशीष तायल जो खुद को नायब सैनी का मित्र बताते हैं, उनकी फेसबुक पर नायब सैनी के साथ अनेक चित्र मौजूद हैं. आशीष तायल के साथ विधानसभा चुनाव के दौरान जो कार्यकर्ता नजर आ रहे हैं वही कार्यकर्ता चित्रा सरवारा भाजपा की विरोधी उम्मीदवार के साथ भी नजर आ रहे हैं. ये रिश्ता क्या कहलाता है? तायल आज भी नायब सैनी के परम मित्र बने हुए हैं तो फिर प्रश्न उठता है भाजपा उम्मीदवार की मुखालवत किसने करवाई?'

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आशीष तायल आखिर हैं कौन?

आशीष तायल के बारे में सार्वजनिक रूप से बहुत अधिक जानकारी तो उपलब्ध नहीं है लेकिन सोशल मीडिया से पता चलता है कि आशीष तायल हरियाणा के अंबाला जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सक्रिय सदस्य हैं और जिला कोषाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं. विधानसभा चुनाव में वह नारायणगढ़ जिले के प्रभारी भी थे. अनिल विज के ट्वीट में एक और नाम निकलकर सामने आया है- चित्रा सरवारा.

चित्रा सरवारा को भी जान लीजिए

चित्रा सरवारा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से बगावत कर अनिल विज के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा था. कांग्रेस ने यहां से परविंदर पाल परे को उतारा था. 2019 में भी वह चुनाव लड़ी थीं जिसमें उन्हें 44,406  वोटों के साथ दूसरा स्थान मिला था. अनिल विज और चित्रा सरवारा की अदावत पुरानी है. यही वजह है कि अनिल विज आशीष तायल और सीएम सैनी पर हमलावर हैं.

क्यों नाराज हैं अनिल विज?

अनिल विज ने 31 जनवरी को दावा किया कि सार्वजनिक रूप से मामला उठाने के बावजूद उनके विरोधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने कहा, '...चूंकि मैं सबसे वरिष्ठ नेता हूं और मैं कह रहा हूं कि मुझे हराने की कोशिश की गई, इसलिए तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए थी... लेकिन 100 दिन बाद भी कुछ नहीं किया गया.' इतना कहने के बाद विज ने सैनी पर तंज भी कसा था.

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विज ने दावा किया, 'यह एक बहुत ही गंभीर मामला है. ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे मुख्यमंत्री 'उड़न खटोला' (हेलिकॉप्टर) से नहीं उतरते हैं. जिस दिन से उन्होंने पदभार संभाला है, वह 'उड़न खटोला' पर सवार हैं. अगर वह नीचे उतरेंगे तो लोगों की पीड़ा देख पाएंगे. यह सिर्फ मेरी आवाज नहीं है, बल्कि सभी विधायकों और मंत्रियों की आवाज है.'

सैनी बोले- विज हमारे नेता हैं

रविवार को अनिल विज ने रोहतक में पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि उनकी वरिष्ठता कोई छीन नहीं सकता. उन्होंने कहा, 'मुझसे सब कुछ छीना जा सकता है लेकिन मेरी वरिष्ठता नहीं छीनी जा सकती. मैं सात बार का विधायक हूं.' 30 जनवरी को विज ने कहा कि वह किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की तरह अंबाला के लोगों के लिए आमरण अनशन पर जाने के लिए तैयार हैं. विज के आरोप पर टिप्पणी करने के लिए कहे जाने पर सीएम सैनी ने सिर्फ इतना कहा, 'अनिल विज हमारे नेता हैं.' 

खट्टर से भी रहता था मतभेद

जब विज हरियाणा के मुख्यमंत्री थे तब उनका अक्सर मनोहर लाल खट्टर से मतभेद रहता था. जब 2014 में बीजेपी हरियाणा में सत्ता में आई, तो राम बिलास शर्मा जैसे अन्य नेताओं के साथ अनिल विज को सीएम पद के लिए सबसे आगे माना जा रहा था. हालांकि, पार्टी ने उस समय पहली बार विधायक बने खट्टर को अपना सीएम उम्मीदवार चुना. मार्च 2024 में, जब पार्टी ने खट्टर को मुख्यमंत्री के रूप में हटाकर सैनी को लाने का फैसला किया, तो विज ने उनसे परामर्श नहीं करने के लिए बीजेपी पर असंतोष व्यक्त किया.

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