बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले पहलवानों के समर्थन में द्रोणाचार्य अवॉर्डी महावीर सिंह फोगाट (Mahavir Singh Phogat) ने बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि उनसे बेटियों की हालत देखी नहीं जा रही है. गुरुवार को रेसलर विनेश और संगीता फोगाट के गांव बलाली में ग्रामीणों ने पंचायत कर बेटियों को न्याय दिलाने का फैसला किया.
पंचायत के दौरान महावीर फोगाट ने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि देश की जनता अब मजबूर होकर सरकार को अंग्रेजों की तरह भगाएगी. पूरा देश एकजुट होकर इस बार निर्णायक आंदोलन करेगा. गांव की पंचायत से लेकर खापों, सामाजिक और किसान संगठनों के अलावा देशभर की जनता इस आंदोलन की गवाह बनेगी.
सरकार को झुकना पड़ेगा
महावीर फोगाट ने आगे कहा, 'मैंने अपना सबकुछ दांव पर लगाकर बेटियों को मेडल के लायक बनाया. आज बेटियों की हालत देखी नहीं जा रही है. खिलाड़ियों को दुखी होकर मेडल गंगा में प्रवाहित करने जैसा फैसला लेना पड़ रहा है. किसान नेताओं ने बेटियों की भावनाओं को समझा है और अब पूरा देश एकजुट होकर ऐसा आंदोलन करेगा कि सरकार को झुकना पड़ेगा.
अंग्रेजों की तरह भागेगी सरकार
उन्होंने आगे कहा कि अगर इस मामले में सरकार की ओर से पहल नहीं की गई तो अंग्रेजों की ही तरह जनता इस सरकार को भी भगाएगी. महावीर ने आगे कहा कि आज जो महिला पहलवानों के साथ हुआ है, ऐसे तो बेटियां पहलवानी करना ही छोड़ देंगी. महिला रेसलर्स के मामले से जूनियर खिलाड़ियों के भविष्य पर भी तलवार लटक गई है. अब तो ऐसा आंदोलन शुरू होगा कि सरकार को झुकना पड़ेगा और बृजभूषण को जेल जरूर होगी.
एक बेटी कर रही प्रदर्शन, दूसरी जांच समिति में
बता दें कि महावीर सिंह फोगाट भी देश के मशहूर पहलवान रहे हैं. उनके जीवन पर दंगल नामक फिल्म भी बनी है. महावीर की चार बेटियां हैं, जिनके नाम गीता, बबीता, संगीता और रितु फोगाट है. इनमें संगीता फोगाट पहलवानों के प्रदर्शन में भी शामिल हैं. जबकि महावीर की एक बेटी बबीता फोगाट बीजेपी नेता हैं और पहलवानों की शिकायत की जांच के लिए बनाई गई कमेटी का भी हिस्सा हैं.
मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?
> रतीय कुश्ती संघ पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौनशोषण के आरोप लगाकर पहली बार 18 जनवरी 2023 को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दिया गया.
> 21 जनवरी को खेल मंत्री ने पहलवानों को भरोसा दिया कि मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया जा रहा है.
> 23 अप्रैल को कमेटी की जांच पर सवाल उठाते हुए महिला पहलवान दोबारा जंतर-मंतर पर धरना देने पहुंच गईं.
> 24 अप्रैल को पहलवानों ने दिल्ली पुलिस से बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत की, लेकिन FIR दर्ज नहीं हुई.
> 28 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दूसरे मामले में FIR दर्ज की.
> 3 मई की रात पहलवानों और दिल्ली पुलिस के बीच विवाद में झड़प हुई. 7 मई और 21 मई को महिला पहलवानों के समर्थन में खाप पंचायतें हुईं.
> 28 मई को नई संसद के उद्घाटन के दिन ही पहलवान बिना इजाजत के संसद तक मार्च निकालने को बढ़ने लगे. पुलिस ने उन्हें रोका. पहलवानों को हिरासत में लिया गया. रेसलर के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया गया.
> 30 मई को पहलवानों ने ऐलान किया कि वह अपने मेडल गंगा में बहा देंगे. हरिद्वार पहुंचकर वह ऐसा करने भी वाले थे, लेकिन किसान नेता नरेश टिकैत ने वहां पहुंचकर उन्हें रोक लिया.
23 अप्रैल से धरने पर बैठे थे पहलवान
विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया समेत तमाम पहलवान जंतर मंतर पर 23 अप्रैल से धरना दे रहे थे. इससे पहले 18 जनवरी को पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया था. पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. सुप्रीम कोर्ट के दखल पर दिल्ली पुलिस ने सिंह के खिलाफ दो मामले भी दर्ज किए हैं.
(रिपोर्ट: प्रदीप साहू)