हरियाणा के अंबाला में कोर्ट ने 13 साल की बेटी से बलात्कार के आरोप में उसके पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने अंबाला शहर की एक कॉलोनी में रहने वाले व्यक्ति को ये सजा दी है.
अदालत ने आरोपी के छोटे भाई को भी कारावास की सजा सुनाई, जिस पर बलात्कार पीड़िता की छोटी बहन से छेड़छाड़ का आरोप था. इस मामले में वो पहले ही जेल में सजा काट चुका है.
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, पुलिस ने 2 जनवरी 2022 को पीड़िता के पिता और चाचा के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था. पुलिस ने बाद में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था. वो तब से न्यायिक हिरासत में थे.
13 साल की दुष्कर्म पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा था कि वह अंबाला शहर की एक कॉलोनी में रहती है. घरेलू विवाद के कारण उसकी मां और पिता अलग रह रहे थे. पीड़िता ने बताया कि वह अपनी 8 साल की छोटी बहन के साथ अपने पिता के साथ रह रही थी. बलात्कार पीड़िता ने कहा था कि उसके चाचा, जो अविवाहित हैं, वो भी साथ रहते थे. एक दिन जब उसकी बहन घर में अकेली थी, तो उसके चाचा ने उसके साथ छेड़छाड़ की.
13 साल की पीड़िता ने बताया था कि एक दिन जब उसकी बहन घर से बाहर थी तो उसके पिता ने उसके साथ बलात्कार किया. उसके पिता और चाचा ने बाद में उसे धमकी दी थी कि वह इस मामले के बारे में किसी को न बताए अन्यथा उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
उसने अपनी शिकायत में कहा कि बाद में उसके पिता उसका यौन उत्पीड़न करते रहे. आख़िरकार, उसने आवाज़ उठाने का फैसला किया और अपनी एक महिला रिश्तेदार के पास गई और अपनी आपबीती बताई. फिर उसने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया जिसने दोनों लड़कियों की मेडिकल जांच की और अदालत में उनके बयान दर्ज किए. फास्ट ट्रैक कोर्ट, अंबाला के विशेष लोक अभियोजक सुरजीत सिंह ने कहा कि दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के मूल निवासी हैं और पिछले कई सालों से अंबाला में रह रहे थे.