हरियाणा के सिरसा की चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी में सैकड़ों गर्ल्स स्टूडेंट्स ने एक गुमनाम चिट्ठी के जरिए एक प्रोफसर पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे. इस मामले में आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं. एक ओर जहां गुमनाम चिठ्ठी ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं. वहीं, एक विभाग के डीन और प्रोफेसर पर भी गंभीर आरोप लगे हैं, जिसकी जांच सिरसा पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन कर रहा है.
पुलिस के मुताबिक, उस विभाग में 539 गर्ल्स स्टूडेंट्स हैं, जो अपनी पढ़ाई कर रही हैं. इस मामले में तफ्तीश के दौरान 470 गर्ल्स स्टूडेंट्स के बयान पुलिस ने दर्ज किए है. मगर, अभी तक पुलिस की जांच में डीन और प्रोफेसर पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो रही है. फिलहाल, अभी भी पुलिस मामले की जांच कर रही है.
यूनिवर्सिटी ने भी बनाई 7 सदस्यीय जांच कमेटी
आपको बता दें कि सिरसा की चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी में पिछले दिनों करीब 500 गर्ल्स ने यूनिवर्सिटी के एक विभाग के डीन और प्रोफेसर के खिलाफ यौन शोषण के आरोप एक गुमनाम चिठ्ठी के जरिए लगाए थे. इसकी जांच यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस कर रही है. यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर अजमेर मलिक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए सात सदस्यीय की एक कमेटी का गठन किया है.
यह कमेटी अब इस मामले की जांच कर रही है. इस मामले में पीड़ित पक्ष और आरोपी पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जल्द ही कमेटी की रिपोर्ट के बाद एक्शन लिया जाएगा. फिलहाल सिरसा पुलिस ने अब तक 470 गर्ल्स स्टूडेंट्स के बयान दर्ज किए हैं, लेकिन अभी तक इस मामले में आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है.
CM, राज्यपाल, डीजीपी को लिखी गुमनाम चिठ्ठी
गर्ल्स स्टूडेंट्स ने यह गुमनाम चिठ्ठी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, हरियाणा के राज्यपाल, डीजीपी हरियाणा, डीसी सिरसा, एसपी सिरसा, यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर सहित अनेक लोगों को भेजी थी, जिसकी जांच अब की जा रही है. पिछले दिनों ASP दीप्ति गर्ग ने इस मामले को लेकर यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली गर्ल्स स्टूडेंट्स से भी बयान लिए हैं.
पीड़ित पक्ष से भी सिरसा पुलिस लगातार बयान ले रही है और आरोपी प्रोफेसर से भी पूछताछ की जा रही है. मामले में क्या निष्कर्ष निकलता है, यह तो जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा. मगर, इस घटना के बाद से यूनिवर्सिटी की छवि पर एक बार फिर से दाग लग गया है. इस मामले में न तो पीड़ित पक्ष और न ही आरोपी पक्ष मीडिया के समक्ष आ रहा है.
एएसपी दीप्ति गर्ग के नेतृत्व में बनी जांच टीम
मामले की तफ्तीश कर रही सिरसा की एएसपी दीप्ति गर्ग ने कहा कि मामला सिरसा पुलिस के संज्ञान में आते ही उनके नेतृत्व में एक जांच कमेटी का गठन किया गया है. जांच कमेटी में उनके साथ 2 महिला इंस्पेक्टर और एक महिला सब इंस्पेक्टर शामिल है. उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर अब तक सिरसा पुलिस 470 गर्ल्स स्टूडेंट्स के बयान दर्ज कर चुकी है.
मगर, अभी तक किसी भी स्टूडेंट्स के बयान के आधार पर आरोपों की पुष्टि नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि गुमनाम चिट्ठी किसने लिखी है और कहां से भेजी गई है, इसकी जांच पुलिस कर रही है. उन्होंने कहा कि फिलहाल यूनिवर्सिटी में और यूनिवर्सिटी के बाहर की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है.
डर हो तो सीधे संपर्क करें- एएसपी
एएसपी दीप्ति गर्ग ने कहा कि इस मामले में और भी गर्ल्स स्टूडेंट्स के बयान लिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि अगर इस मामले को लेकर कोई भी गर्ल्स स्टूडेंट, स्टाफ या फिर कोई और व्यक्ति डर के कारण अपने बयान दर्ज नहीं करवा पा रहा है, तो इसके लिए भी वे लोग उनसे सीधा संपर्क कर सकते हैं.
उन्होंने कहा कि अभी इस मामले में और भी जांच की जा रही है. इसके बाद ही निष्कर्ष पर पुलिस की रिपोर्ट पहुंचेगी. उन्होंने कहा कि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा इस मामले में झूठी शिकायत पुलिस को की हो, इस एंगल पर भी जांच की जा रही है.