सिरसा की चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली कई छात्राओं ने गुमनाम चिट्ठी के जरिए एक प्रोफेसर और डीन पर यौन शोषण के आरोप का मामला सामने आया है. जिसमें आए दिन रोज नए खुलासे हो रहे हैं. गुमनाम चिठ्ठी ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं.
बता दें, चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी में पिछले दिनों करीब 500 लड़कियों ने यूनिवर्सिटी के एक विभाग के डीन और प्रोफेसर के खिलाफ यौन शोषण के आरोप एक गुमनाम चिठ्ठी के जरिए लगाए थे. यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर अजमेर मलिक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए सात सदस्यीय की एक कमेटी गठन की. जो इस मामले की जांच कर रही है.
छात्राओं ने लगाए प्रोफेसर और डीन पर यौन शोषण के आरोप
पुलिस द्वारा पीड़ित पक्ष और आरोपी पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जल्द ही कमेटी की रिपोर्ट के बाद एक्शन लिया जाएगा. पुलिस ने अब तक 470 गर्ल्स स्टूडेंट्स के बयान दर्ज किए. लेकिन अबतक आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है.
गर्ल्स स्टूडेंट्स ने यह गुमनाम चिठ्ठी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, हरियाणा के राज्यपाल, डीजीपी हरियाणा, डीसी सिरसा, एसपी सिरसा, यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर समेत अनेक लोगों को भेजी गई है. ASP दीप्ति गर्ग ने गर्ल्स स्टूडेंट्स से भी बयान ले चुकी हैं. साथ ही आरोपी प्रोफेसर से भी पूछताछ की जा रही है.
पुलिस ने 470 छात्राओं के बयान दर्ज किए
एएसपी दीप्ति गर्ग ने बताया कि मामला सिरसा पुलिस के संज्ञान में आते ही उनके नेतृत्व में एक जांच कमेटी का गठन किया गया. जिसमें 2 महिला इंस्पेक्टर और एक महिला सब इंस्पेक्टर शामिल है. अब तक सिरसा पुलिस 470 गर्ल्स स्टूडेंट्स के बयान दर्ज कर चुकी है. लेकिन अब तक किसी भी स्टूडेंट्स के बयान के आधार पर आरोपों की पुष्टि नहीं हो रही है. गुमनाम चिट्ठी किसने लिखी है और कहां से जारी की गई है पुलिस इसकी भी जांच कर रही है. यूनिवर्सिटी में लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.